GLP-1 Market: पेटेंट खत्म होते ही फार्मा सेक्टर में हलचल, इन मिड-कैप शेयरों में दिखेगी बड़ी कमाई

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
GLP-1 Market: पेटेंट खत्म होते ही फार्मा सेक्टर में हलचल, इन मिड-कैप शेयरों में दिखेगी बड़ी कमाई

मार्च **2026** में 'semaglutide' का पेटेंट एक्सपायर होने के बाद भारत के GLP-1 मार्केट में जेनेरिक दवाओं की होड़ मच गई है। Kotak Institutional Equities के अनुसार, Eris Lifesciences, Torrent Pharma, Natco Pharma और Lupin जैसी मिड-कैप कंपनियां इस बदलाव की सबसे बड़ी लाभार्थी हो सकती हैं।

भारत में डायबिटीज और मोटापे के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली GLP-1 थेरेपी का बाजार एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। मार्च 2026 में semaglutide से जुड़े पेटेंट खत्म होने के साथ ही बाजार में जेनेरिक दवाओं का रास्ता साफ हो गया है। Kotak Institutional Equities का अनुमान है कि यह सेगमेंट FY2032 तक ₹157 अरब के वैल्यूएशन तक पहुंच सकता है।

मिड-कैप फार्मा कंपनियों का दबदबा

हालाँकि कई कंपनियां इस रेस में हैं, लेकिन बाजार के जानकारों का मानना है कि Sun Pharma जैसी बड़ी कंपनियों के मुकाबले मिड-कैप कंपनियों को ज्यादा फायदा होगा। इसका कारण यह है कि बड़े प्लेयर अपनी विशाल स्केल के कारण अपनी ओवरऑल अर्निंग्स पर बड़ा असर नहीं देख पाएंगे, जबकि मिड-कैप कंपनियों के लिए यह एक 'गेम चेंजर' साबित होगा।

Eris Lifesciences, Torrent Pharma, Natco Pharma और Lupin को सबसे मजबूत दावेदार माना गया है। इनकी मजबूती का मुख्य आधार कार्डियो-डायबिटिक मार्केट में इनका दबदबा और प्रोडक्शन की वर्टिकल इंटीग्रेशन क्षमता है। रिपोर्ट के अनुसार, FY2029 तक ये कंपनियां अपनी अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में 4% से 12% तक का इजाफा देख सकती हैं।

सपोर्टिंग इकोसिस्टम

इस ग्रोथ का असर सप्लाई चेन से जुड़ी कंपनियों पर भी दिखेगा। OneSource और Gland Pharma जैसी CDMO कंपनियां दवाओं के जटिल निर्माण में मदद करेंगी। वहीं, Shaily Engineering Plastics जैसी कंपनियां इन दवाओं के लिए जरूरी 'इंजेक्शन पेन' जैसे डिवाइस बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी।

जोखिम और चुनौतियां

निवेशकों को कुछ जोखिमों पर भी नजर रखनी चाहिए:

  • प्राइस वॉर: बाजार में ज्यादा प्लेयर आने से मार्जिन पर दबाव बन सकता है।
  • रेगुलेटरी बाधाएं: नए क्लीनिकल ट्रायल के नियम खर्च बढ़ा सकते हैं।
  • ओरल दवाओं की ओर झुकाव: फिलहाल इंजेक्शन का बोलबाला है, लेकिन दशक के अंत तक ओरल थेरेपी की 27% मार्केट शेयर पर कब्जा करने की उम्मीद है। कंपनियों को अपनी मैन्युफैक्चरिंग को लचीला रखना होगा।
Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.