DCGI ने Abhayrab रेबीज वैक्सीन के बैच नंबर KE25012 को लेकर अलर्ट जारी किया है। potency और पैकेजिंग में कमी पाए जाने के बाद इसे 'सबस्टैंडर्ड' घोषित कर दिया गया है, जो कंपनी के लिए बड़े रिस्क की बात है।
क्या है पूरा मामला?
ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने Abhayrab वैक्सीन के बैच नंबर KE25012 को 'नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी' और 'मिसब्रांडेड' करार दिया है। कसौली की सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेटरी की जांच में पता चला कि यह वैक्सीन अपनी निर्धारित potency (क्षमता) पर खरी नहीं उतरी है।
क्यों खड़े हुए सवाल?
जांच में न केवल वैक्सीन की क्वालिटी में कमी मिली, बल्कि कंपनी की पैकेजिंग और लेबलिंग में भी भारी विसंगतियां पाई गईं। अथॉरिटीज ने पाया कि इस बैच की पैकेजिंग, QR कोड वेरिफिकेशन और कैप का रंग आधिकारिक मानकों से अलग है। इन गड़बड़ियों के कारण इसे 'संभावित नकली' (spurious) प्रोडक्ट की श्रेणी में रखा गया है।
कंपनी के लिए बड़ी चुनौती
भारतीय रेबीज वैक्सीन मार्केट में Indian Immunologicals का लगभग 40% कब्जा है। चिंता की बात यह है कि पिछले दो साल में यह दूसरी बार है जब कंपनी को क्वालिटी और सुरक्षा से जुड़े सवालों का सामना करना पड़ा है। जनवरी 2025 में भी ऐसी ही नकली बैच की खबरें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में थीं।
फाइनेंशियल स्थिति और रिस्क
वित्तीय मोर्चे पर बात करें तो कंपनी की स्थिति मजबूत है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का टर्नओवर ₹1,586 करोड़ रहा था और CRISIL ने इसे 'CRISIL AA+/Stable' की रेटिंग दी है। हालांकि, बार-बार सामने आ रही क्वालिटी की शिकायतों से कंपनी की विश्वसनीयता और सरकारी टेंडर्स में उसकी भागीदारी पर असर पड़ सकता है। निवेशकों की नजर अब कंपनी के इंटरनल इन्वेस्टिगेशन और DCGI के अगले कदम पर टिकी है।
