भारत का सरकारी रिसर्च प्रोजेक्ट iOncology.ai अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। AIIMS और C-DAC द्वारा विकसित यह AI टूल कैंसर की सटीक पहचान के लिए एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।
भारत का डिजिटल हेल्थकेयर पर फोकस
हाल ही में दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS समिट के दौरान iOncology.ai को वैश्विक पटल पर पेश किया गया। AIIMS और C-DAC का यह संयुक्त प्रयास कैंसर के अर्ली डिटेक्शन (Early Detection) और रिस्क मैपिंग में डॉक्टरों की मदद करने के लिए तैयार किया गया है। यह टूल रेडियोलॉजिकल और हिस्टोपैथोलॉजिकल डेटा का विश्लेषण कर कैंसर की तेजी से पहचान करने में सक्षम है।
हेल्थकेयर सेक्टर के लिए क्या हैं संकेत?
भले ही iOncology.ai अभी एक पब्लिक सेक्टर रिसर्च प्रोजेक्ट है और मार्केट में ट्रेड नहीं होता, लेकिन यह भारतीय हेल्थकेयर इंडस्ट्री में एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है। सरकारी स्तर पर डिजिटल हेल्थ टूल्स को मिल रही प्राथमिकता से प्राइवेट डायग्नोस्टिक लैब्स और हेल्थ-टेक कंपनियों के बिजनेस मॉडल में आने वाले समय में बड़ा बदलाव दिख सकता है।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
अभी यह प्रोजेक्ट 'पायलट स्टेज' और 'क्लिनिकल वैलिडेशन' के दौर में है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस टूल की सफलता इसके बड़े स्केल पर होने वाले ट्रायल और डेटा सिक्योरिटी के मानकों पर निर्भर करेगी। फिलहाल, इसका कोई शेयर प्राइस या फाइनेंशियल रिजल्ट नहीं है, लेकिन इसके क्लिनिकल ट्रायल के नतीजे हेल्थकेयर सेक्टर के भविष्य के रुझान तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
