India Robotic Surgery: भारत में रोबोटिक सर्जरी का जलवा, महज 4 साल में 5 गुना बढ़ा आंकड़ा

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
India Robotic Surgery: भारत में रोबोटिक सर्जरी का जलवा, महज 4 साल में 5 गुना बढ़ा आंकड़ा

भारत में रोबोटिक सर्जरी का चलन तेजी से बढ़ रहा है। साल 2021 के 8,912 सर्जरी के मुकाबले 2025 तक यह आंकड़ा 44,857 पर पहुंच गया है, जिसमें दिल्ली-एनसीआर सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। हालांकि, बाजार में ग्रोथ के साथ ही निवेशकों को ऊंचे ऑपरेशनल खर्च और इंश्योरेंस की चुनौतियों पर भी नजर रखनी होगी।

रोबोटिक सर्जरी का बढ़ता दायरा

सोसाइटी ऑफ रोबोटिक सर्जरी (SRS) इंडिया 2026 की हालिया कॉन्फ्रेंस के मुताबिक, भारत में रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी अब मेडिकल प्रैक्टिस का अहम हिस्सा बन गई है। साल 2021 में जहां मात्र 8,912 सर्जरी हुई थीं, वहीं 2025 तक यह संख्या बढ़कर 44,857 के स्तर को पार कर गई है। यह 5 गुना उछाल यूरोलॉजी, गायनेकोलॉजी और जनरल सर्जरी जैसे क्षेत्रों में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को दर्शाता है।

दिल्ली-एनसीआर बना सबसे बड़ा हब

दिल्ली-एनसीआर इस तकनीक का गढ़ बन चुका है। फिलहाल इस रीजन के 39 अस्पतालों में रोबोटिक सिस्टम इंस्टॉल किए गए हैं, जिनमें से 11 अस्पताल मल्टीपल यूनिट्स चला रहे हैं। यहां सर्जरी की संख्या 2021 के 2,257 से बढ़कर 2025 में 10,937 हो गई है। यह इन्फ्रास्ट्रक्चर अन्य शहरों के लिए एक बेंचमार्क की तरह काम कर रहा है।

मार्केट का आउटलुक और चुनौतियां

मार्केट एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि रोबोटिक सर्जरी का सेक्टर 2031 के फाइनेंशियल ईयर तक $4 बिलियन के करीब पहुंच सकता है, जिसकी सालाना ग्रोथ रेट 10% के आसपास रहने का अनुमान है। हालांकि, मुनाफे की राह इतनी आसान नहीं है:

  • हाई कॉस्ट: रोबोटिक सिस्टम को खरीदना और मेंटेन करना बहुत महंगा है।
  • इंश्योरेंस का पेंच: ज्यादातर मामलों में इन सर्जरी को 'इलेक्टिव' माना जाता है, जिससे मेडिकल इंश्योरेंस का लाभ मिलना मुश्किल होता है और अस्पताल का रेवेन्यू प्रभावित होता है।
  • सस्टेनेबिलिटी: इंडस्ट्री स्टैंडर्ड्स के मुताबिक, एक सिस्टम पर प्रॉफिटेबिलिटी के लिए साल में कम से कम 120 सर्जरी का होना जरूरी है।

भविष्य में टेली-सर्जरी (Telesurgery) एक गेम चेंजर साबित हो सकती है, जो टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्पेशलिस्ट सुविधा पहुंचा सकती है। निवेशकों के लिए यह जानना जरूरी है कि क्या इंश्योरेंस पॉलिसीज में बदलाव आता है और क्या अस्पताल इन कैपिटल-इंटेंसिव निवेशों पर सस्टेनेबल मार्जिन बनाए रख पाते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.