India Pharma Sales: मानसून की मार से फार्मा सेक्टर में बहार, दवाओं की डिमांड में आया भारी उछाल

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
India Pharma Sales: मानसून की मार से फार्मा सेक्टर में बहार, दवाओं की डिमांड में आया भारी उछाल

देश में मानसून की वजह से फैली मौसमी बीमारियों ने दवा कंपनियों की बिक्री को रफ्तार दे दी है। जुलाई में एंटी-इंफेक्टिव दवाओं की बिक्री में **12%** का उछाल आया है, जबकि अगस्त में फ्लू वैक्सीन की मांग **3 गुना** तक बढ़ गई है, जिससे सप्लाई चेन पर भारी दबाव बन गया है।

बाजार का हाल और डेटा

PharmaTrac के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई 2026 में एंटी-इंफेक्टिव दवाओं की कुल बिक्री बढ़कर ₹2,359 करोड़ पर पहुंच गई है, जो जून के ₹2,107 करोड़ के मुकाबले 12% अधिक है। इसी तरह, एंटी-बैक्टीरियल दवाओं की बिक्री ₹2,109 करोड़ रही। मानसून के दौरान पेट की समस्याओं के इलाज वाली दवाओं की मांग में भी 1.8% की बढ़ोतरी देखी गई है, जो ₹2,081 करोड़ तक पहुंच गई है।

वैक्सीन की मांग में जबरदस्त तेजी

अगस्त 2026 में फ्लू वैक्सीन की मांग पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 3 गुना ज्यादा रही है। इस अचानक आई मांग ने पारंपरिक फार्मेसी और डिजिटल हेल्थ कंपनियों की सप्लाई चेन को चुनौती दी है। Tata 1mg और Apollo Homecare जैसी कंपनियां एट-होम वैक्सीनेशन और डायग्नोस्टिक सेवाओं में भारी ट्रैफिक दर्ज कर रही हैं।

कंपनियों के सामने बड़ी चुनौतियां

बिक्री बढ़ने से रेवेन्यू में तो इजाफा हो रहा है, लेकिन प्रमुख शहरों में दवाओं की किल्लत भी देखी जा रही है। फार्मा कंपनियों के लिए अब चुनौती यह है कि वे बिना लॉजिस्टिक लागत बढ़ाए अपना इन्वेंट्री लेवल कैसे मेंटेन रखती हैं।

निवेशकों के लिए चेतावनी

निवेशकों को इस सेक्टर में रेगुलेटरी अपडेट्स पर भी नजर रखनी होगी। दवा की कीमतों और उनके फॉर्मूलेशन को लेकर रेगुलेटर्स की पैनी नजर बनी हुई है। आने वाले हफ्तों में इंफेक्शन की दर और कंपनियों की सप्लाई चेन की दक्षता ही यह तय करेगी कि यह तेजी कितनी टिकाऊ है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.