Pollution Health Crisis: अस्पतालों को अब ट्रैक करना होगा प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों का डेटा

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AuthorAditya Rao|Published at:
Pollution Health Crisis: अस्पतालों को अब ट्रैक करना होगा प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों का डेटा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश भर के अस्पतालों को प्रदूषण से होने वाली बीमारियों का एक स्टैंडर्ड फॉर्मेट में डेटा रिपोर्ट करने का निर्देश दिया है। इसके लिए WHO के डायग्नोस्टिक कोड्स का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को सटीक तरीके से मापा जा सके।

भारत सरकार ने वायु प्रदूषण के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को गहराई से समझने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने निर्देश दिए हैं कि सभी अस्पताल, जहां रेस्पिरेटरी क्लिनिक मौजूद हैं, वे अब मरीजों का डेटा रोजाना रिपोर्ट करेंगे। यह डेटा अब मनमाने तरीके से नहीं, बल्कि World Health Organization (WHO) के डायग्नोस्टिक कोड्स के तहत दर्ज किया जाएगा।

यह पहल मुख्य रूप से सितंबर से फरवरी के महीनों के लिए है, जब उत्तर भारत में हवा की क्वालिटी 'बहुत खराब' या 'गंभीर' स्तर पर पहुंच जाती है। इस डेटा को National Programme on Climate Change and Human Health के साथ जोड़ा जाएगा ताकि प्रदूषण से होने वाली सांस और दिल की बीमारियों का ठोस सबूत मिल सके। इसके अलावा, ASHA कार्यकर्ताओं और Ayushman Arogya Mandirs के जरिए उन लोगों पर नज़र रखी जाएगी जो प्रदूषण के प्रति ज्यादा संवेदनशील हैं।

हेल्थकेयर सेक्टर पर असर (Operational Impact)

अस्पतालों के लिए यह नया नियम एडमिनिस्ट्रेटिव बोझ बढ़ा सकता है। डॉक्टर मानते हैं कि प्रदूषण के लक्षणों को वायरल इन्फेक्शन या मौसमी एलर्जी से अलग करना एक बड़ी क्लिनिकल चुनौती है। रिकॉर्ड्स को सही ढंग से वर्गीकृत करने में डॉक्टरों और स्टाफ का समय अधिक लगेगा, जिसका सीधा असर हॉस्पिटल के 'पेशेंट थ्रूपुट' पर पड़ सकता है।

इंश्योरेंस और फाइनेंस पर असर

इन्वेस्टर और एक्सपर्ट्स के लिए यह एक बड़े बदलाव का संकेत है। अगर आने वाले समय में प्रदूषण के लेवल और अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों (Claims) के बीच सीधा संबंध साबित होता है, तो इंश्योरेंस कंपनियां अस्थमा, COPD और कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों के लिए प्रीमियम तय करने के अपने तरीके बदल सकती हैं। यह भविष्य में हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम में बदलाव की एक बड़ी वजह बन सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.