15 साल की देरी पर कोर्ट की सख्त हिदायत
दिल्ली हाई कोर्ट ने Novartis AG के लिए एक बड़ी राहत देते हुए, कैंसर की दवा Ribociclib (जिसे Kisqali के नाम से बेचा जाता है) के पेटेंट आवेदन पर अनिश्चितकालीन देरी को लेकर भारत के पेटेंट ऑफिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा कि यह "दुखद स्थिति" है और उन्होंने पेटेंट ऑफिस को निर्देश दिया है कि साल 2011 में दाखिल किए गए इस आवेदन और उससे जुड़ी किसी भी आपत्ति पर अगले 4 महीनों के अंदर निर्णय लिया जाए। यह मामला 15 साल से ज़्यादा समय से लंबित था।
पेटेंट में देरी का असर और बाज़ार की स्थिति
पेटेंट के इस लंबे इंतजार का सीधा असर Novartis के Ribociclib के संभावित मार्केट एक्सक्लूसिविटी (Market Exclusivity) पर पड़ सकता है। यह दवा हार्मोन रिसेप्टर-पॉजिटिव, HER2-नेगेटिव एडवांस ब्रेस्ट कैंसर के इलाज के लिए एक महत्वपूर्ण दवा है और Novartis के लिए एक बड़ा रेवेन्यू (Revenue) स्रोत है। Novartis AG का P/E रेश्यो लगभग 21.59 था, मार्केट कैप करीब $294.14 बिलियन था, और इसका शेयर प्राइस लगभग $155.00 पर ट्रेड कर रहा था (मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार)। इस तरह की नियामक देरी निवेशकों का विश्वास हिला सकती है।
भारत के प्रतिस्पर्धी ब्रेस्ट कैंसर थेरेपी मार्केट में, अन्य CDK4/6 इनहिबिटर दवाओं के पेटेंट की स्थिति अलग रही है। Pfizer की Palbociclib (Ibrance) का भारतीय पेटेंट जनवरी 2023 में समाप्त हो गया, जिससे जेनेरिक दवाओं के लिए रास्ता खुल गया। वहीं, Eli Lilly की Abemaciclib (Verzenio) के पास 2031 तक अमेरिकी पेटेंट सुरक्षा है।
भारत में फार्मास्युटिकल इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) को लेकर जटिल लड़ाईयों का इतिहास रहा है। साल 2013 के एक ऐतिहासिक सुप्रीम कोर्ट फैसले ने Novartis की कैंसर दवा Glivec को पेटेंट सुरक्षा देने से इनकार कर दिया था, जिसने देश भर में पेटेंट योग्यता मानदंडों को प्रभावित किया। इन विवादों के बावजूद, यह क्षेत्र काफी विदेशी निवेश को आकर्षित करता है, जिसमें अप्रैल 2000 से मार्च 2024 के बीच $22.52 बिलियन का एफडीआई (FDI) आया।
निवेश और भविष्य को लेकर चिंताएं
पेटेंट ऑफिस की यह निष्क्रियता नियामक पूर्वानुमेयता (Regulatory Predictability) और बौद्धिक संपदा संरक्षण (Intellectual Property Protection) को लेकर चिंताएं बढ़ाती है, जो भारत में भविष्य के R&D निवेश को हतोत्साहित कर सकती है।
विश्लेषक वर्तमान में Novartis AG पर "होल्ड" (Hold) या "न्यूट्रल" (Neutral) कंसेंसस (Consensus) रखते हैं, जो कंपनी की स्थापित बाज़ार स्थिति और मौजूदा चुनौतियों के बीच संतुलन साधता है।
भारत में Ribociclib का तत्काल भविष्य अब पेटेंट ऑफिस द्वारा हाई कोर्ट की 4 महीने की समय सीमा को पूरा करने पर निर्भर करता है। फार्मास्युटिकल नवाचार (Innovation) के लिए अनुकूल माहौल बनाने और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए त्वरित समाधान महत्वपूर्ण है।
