वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Union Budget 2026-27 पेश करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के लिए कुल ₹1.06 लाख करोड़ का आवंटन किया है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर के संशोधित अनुमानों से लगभग 10% अधिक है। इस बजट का मुख्य उद्देश्य भारत के हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना और देश को वैश्विक स्तर पर दवा निर्माण का एक प्रमुख केंद्र बनाना है।
हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास फोकस
इस आवंटन का एक बड़ा हिस्सा प्रधान मंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PMABHIM) के लिए रखा गया है, जिसे ₹4,770 करोड़ दिए गए हैं। यह राशि क्रिटिकल केयर ब्लॉक, एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं और जिला-स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद करेगी, ताकि स्वास्थ्य आपातकाल और महामारियों से निपटने की देश की क्षमता बढ़े।
'बायोफार्मा शक्ति' पहल का आगाज़
सरकार ने 'बायोफार्मा शक्ति' नामक एक नई पांच साल की पहल की भी घोषणा की है, जिसके लिए ₹10,000 करोड़ का फंड अलग रखा गया है। इस पहल का लक्ष्य भारत को बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के निर्माण के लिए एक ग्लोबल हब के रूप में स्थापित करना है। इससे जटिल जैविक दवाओं के बढ़ते सेगमेंट को बढ़ावा मिलेगा, आयात पर निर्भरता कम होगी और अनुसंधान एवं विकास (R&D) को गति मिलेगी।
बाजार में सकारात्मक प्रतिक्रिया
इन घोषणाओं का असर शेयर बाजार पर भी देखा गया। Nifty Pharma और BSE Healthcare इंडेक्स दोनों में 1.7% से 2% तक की बढ़त दर्ज की गई। Biocon Ltd., Piramal Pharma, Sun Pharma, Dr. Reddy's Laboratories, Max Healthcare, Medanta, और Apollo Hospitals जैसे प्रमुख हेल्थकेयर और फार्मा कंपनियों के स्टॉक्स में भी उछाल देखा गया।
लंबी अवधि का विज़न
कुल राष्ट्रीय व्यय में स्वास्थ्य क्षेत्र का आवंटन लगभग 1.96% है, जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के 2.5% जीडीपी लक्ष्य से थोड़ा कम है। हालांकि, इस बजट में उन्नत विनिर्माण (advanced manufacturing), डिजिटल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और मेडिकल टूरिज्म हब के विकास पर जोर दिया गया है, जो सेक्टर की दीर्घकालिक ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के लिए ₹39,390 करोड़ का आवंटन और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणालियों को मजबूत करना भी इसके प्रमुख हिस्से हैं।
भविष्य की राह
बजट की रणनीति गैर-संचारी रोगों (NCDs) के बढ़ते बोझ को प्रबंधित करने, निवारक स्वास्थ्य सेवाओं, डायग्नोस्टिक्स और कम सेवा वाले क्षेत्रों में विशिष्ट चिकित्सा सेवाओं पर केंद्रित है। पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब का विकास, अस्पतालों, शिक्षा और डायग्नोस्टिक्स को एकीकृत करेगा, जिससे भारत एक वैश्विक स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के रूप में उभरेगा। AI-संचालित स्वास्थ्य समाधान और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को मजबूत करने से यह एकीकृत दृष्टिकोण और भी प्रभावी होगा। इन पहलों से फार्मा, मेडिकल डिवाइसेस, डायग्नोस्टिक्स और हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों के लिए एक मजबूत भविष्य की उम्मीद है, जो फंड के प्रभावी कार्यान्वयन पर निर्भर करेगा।