रेवेन्यू में रिकॉर्ड उछाल, प्रॉफिट पर दबाव
Indegene के ताजा नतीजों में रेवेन्यू की शानदार ग्रोथ और प्रॉफिट में गिरावट का मिलाजुला असर देखने को मिला है। कंपनी ने ₹1,003.4 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज कर नया कीर्तिमान रचा है, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 32.8% की जोरदार बढ़ोतरी है। डॉलर रेवेन्यू भी 25.6% बढ़कर $109.7 मिलियन हो गया।
प्रॉफिट 32.2% क्यों गिरा?
इस टॉप-लाइन सफलता के बावजूद, नेट प्रॉफिट 32.2% की भारी गिरावट के साथ ₹79.7 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह ₹117.6 करोड़ था। कंपनी के ईबीआईटीडीए (EBITDA) में 10.9% की बढ़ोतरी होकर ₹163.6 करोड़ हुआ, लेकिन ईबीआईटीडीए मार्जिन 19.5% से घटकर 16.3% रह गया। कंपनी के CFO सुहास प्रभु ने बताया कि यह गिरावट एक बार के मर्जर और अधिग्रहण (M&A) खर्चों के कारण आई है, जिसमें ₹20.3 करोड़ का नुकसान शामिल है।
निवेशक और ब्रोकरेज की चिंता
Indegene का पी/ई (Price-to-Earnings) रेश्यो 27x से 31x के बीच रहा है, जो मजबूत और लगातार प्रॉफिटेबिलिटी की उम्मीदें दिखाता है। हालांकि, 16.3% का वर्तमान ईबीआईटीडीए मार्जिन पिछले चार सालों के औसत 19%-20% से काफी कम है। इसी सेक्टर की एक अन्य कंपनी IQVIA Holdings का पी/ई रेश्यो 24.8x है, जो Indegene के मुकाबले कम है। कंपनी ने अपने अधिग्रहण, जैसे BioPharm और WARN & Co., के कारण शॉर्ट-टर्म मार्जिन दबाव की बात कही है।
डिविडेंड और भविष्य की राह
इन नतीजों के बीच, कंपनी ने ₹2.25 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है, जो अंदरूनी परिचालन पर मैनेजमेंट के भरोसे को दर्शाता है। एनालिस्ट्स अभी भी कंपनी पर बुलिश हैं, 'Buy' रेटिंग और ₹568.57 का औसत टारगेट प्राइस बनाए हुए हैं, जो मौजूदा स्तर से 15% से अधिक की तेजी का संकेत देता है। कुछ एनालिस्ट्स का टारगेट ₹690 तक भी है। कंपनी को उम्मीद है कि FY27 में क्लाइंट बेस और GenAI पहलों से ग्रोथ जारी रहेगी।
