हैदराबाद स्थित Ichor Biologics अपने प्लाज्मा प्रोटीन थेरेपी बिजनेस को रफ्तार देने के लिए **$10 करोड़** (करीब **$8 करोड़** से **$10 करोड़**) तक का फंड जुटाने की तैयारी में है। हालांकि, हालिया नतीजों में कंपनी का रेवेन्यू और प्रॉफिट गिरा है, जिससे निवेशकों की नजर इसके अगले कदम पर टिकी है।
फंड जुटाने की कवायद
हैदराबाद की बायोटेक फर्म Ichor Biologics ने अपनी हिस्सेदारी बेचकर $8 करोड़ से $10 करोड़ तक की पूंजी जुटाने की योजना बनाई है। इसके लिए कंपनी ने फाइनेंशियल एडवाइजर Alvarez & Marsal को नियुक्त किया है। इस फंड का मुख्य मकसद कंपनी के स्पेशलाइज्ड मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस को विस्तार देना है।
पोर्टफोलियो और विस्तार
कंपनी न्यूरोलॉजी, ऑन्कोलॉजी और इम्यूनोलॉजी जैसे गंभीर क्षेत्रों में काम करती है। इसके प्रमुख प्रोडक्ट्स में Hemalb, Clotnine और Immuglo शामिल हैं। कंपनी ने हाल ही में शमीरपेट स्थित अपनी फैसिलिटी में लगभग ₹165.33 करोड़ का निवेश किया है, जिससे इसकी प्लाज्मा प्रोसेसिंग क्षमता 1,30,000 लीटर से बढ़कर 2,81,000 लीटर सालाना हो गई है।
गिरते नतीजों का दबाव
वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का रेवेन्यू घटकर $1.47 करोड़ रह गया, जो पिछले साल $1.7 करोड़ था। वहीं, EBITDA (ऑपरेटिंग प्रॉफिट) भी आधे से कम होकर $20 लाख पर आ गया है। बायोटेक सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों के लिए ऐसे मार्जिन का कम होना चुनौतियों भरा होता है।
बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा
भारत के प्लाज्मा थेरेपी बाजार के 2030 तक $50 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। इस रेस में Reliance Life Sciences, PlasmaGen BioSciences और Virchow Biotech जैसी दिग्गज कंपनियां पहले से मौजूद हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि Ichor Biologics नई क्षमता के जरिए घटते रेवेन्यू के दौर को कैसे बदलती है और मार्जिन को कैसे सुधारती है।
