IOL Chemicals and Pharmaceuticals के शेयरों में आज जबरदस्त तेजी देखने को मिली। शेयर **19%** चढ़कर **₹172.05** के स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले 5 सालों का उच्चतम स्तर है। अप्रैल से अब तक शेयर ने **136%** का शानदार रिटर्न दिया है।
5 साल का रिकॉर्ड टूटा!
मंगलवार के कारोबारी सत्र में IOL Chemicals and Pharmaceuticals के शेयरों ने धमाल मचा दिया। स्टॉक 19% की छलांग लगाकर ₹172.05 के स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले 5 सालों का सबसे ऊंचा स्तर है। यह शेयर अपने ऑल-टाइम हाई ₹179.68 के करीब पहुंच गया है, जिसे इसने अगस्त 2020 में छुआ था। इस तूफानी तेजी के पीछे भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम का भी हाथ है, जहां NSE और BSE पर करीब 2.75 करोड़ शेयर बदले गए, जो कंपनी की कुल इक्विटी का लगभग 9% है।
निवेशकों का भरोसा बढ़ा
कंपनी के हालिया प्रदर्शन ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। अप्रैल महीने से अब तक शेयर में 136% का इजाफा हुआ है। यह तेजी मार्च 2026 को समाप्त हुई तिमाही के शानदार नतीजों के बाद आई है, जिसमें कंपनी ने अपना अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही रेवेन्यू दर्ज किया था। कंपनी के फाइलिंग्स के मुताबिक, फार्मा और केमिकल दोनों डिवीजनों ने इस ग्रोथ में योगदान दिया है। बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और ऑपरेशनल एफिशिएंसी ने इसमें अहम भूमिका निभाई है।
इबुप्रोफेन पर निर्भरता कम, नए API पर फोकस
IOL Chemicals ने इबुप्रोफेन पर अपनी निर्भरता कम करने पर जोर दिया है, जिसमें कंपनी कच्चे माल के इंटीग्रेशन के कारण वैश्विक स्तर पर मजबूत पकड़ रखती है। कंपनी को पैरासिटामोल और मेटफॉर्मिन जैसे अन्य API की भी अच्छी मांग दिख रही है। इसी को भुनाने के लिए, IOL Chemicals अपने नॉन-इबुप्रोफेन पोर्टफोलियो की क्षमता का विस्तार कर रही है। कंपनी का मैनेजमेंट अगले कुछ सालों में रेवेन्यू में मिड-टू-हाई टीन्स की ग्रोथ की उम्मीद कर रहा है। साथ ही, मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी के बेहतर इस्तेमाल से प्रॉफिट मार्जिन बढ़ाने की भी योजना है।
विदेशी निवेशकों की बढ़ी हिस्सेदारी
इस अवधि में इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की दिलचस्पी भी बढ़ी है। जून 2026 तिमाही के शेयरधारिता आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 4.87% कर ली है, जो मार्च 2026 में 1.72% थी। वहीं, इसी दौरान निवासी व्यक्तिगत शेयरधारकों की हिस्सेदारी घटकर 26.93% रह गई।
रेटिंग और आगे की राह
CareEdge Ratings ने इस बात पर जोर दिया है कि कंपनी का लागत-कुशल मैन्युफैक्चरिंग और USFDA जैसी स्थापित नियामक स्वीकृतियां उसके प्रतिस्पर्धी लाभ को बनाए रखती हैं। कंपनी के ऑपरेशंस को विविध ग्राहक आधार का लाभ मिलता है, जिसमें FY26 में निर्यात कुल बिक्री का 24% रहा। इथाइल एसीटेट और एसिटिक एनहाइड्राइड जैसे प्रमुख उत्पादों के लिए वर्तमान संचालन स्वस्थ क्षमता उपयोग स्तर पर चल रहा है, जिसे विश्लेषक रेवेन्यू स्थिरता के लिए एक सकारात्मक संकेत मानते हैं।
निवेशक नई नॉन-इबुप्रोफेन क्षमता के चालू होने और उपयोग दरों पर बारीकी से नज़र रखेंगे, क्योंकि ये प्रोजेक्ट कंपनी के मार्जिन विस्तार के लक्ष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा, कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच कंपनी की लागत संरचना को बनाए रखने की क्षमता भविष्य के प्रदर्शन का आकलन करने में एक प्रमुख कारक होगी।
