हैदराबाद स्थित बायोटेक स्टार्टअप PopVax अपने mRNA वैक्सीन और कैंसर रिसर्च को तेज करने के लिए **$50 मिलियन** की फंडिंग जुटाने की तैयारी कर रही है। बिल गेट्स फाउंडेशन समर्थित यह कंपनी अब रेगुलेटरी तेजी के लिए अपने क्लिनिकल ट्रायल ऑस्ट्रेलिया में शिफ्ट कर रही है।
रिसर्च और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
हैदराबाद की बायोटेक कंपनी PopVax अपनी अगली ग्रोथ फेज के लिए कम से कम $50 मिलियन की नई पूंजी जुटाने की योजना बना रही है। कंपनी का मुख्य लक्ष्य अपने 10,000 स्क्वायर फीट के रिसर्च फैसिलिटी को विस्तार देना और स्पेशलाइज्ड टैलेंट को जोड़ना है। इसके जरिए कंपनी कंप्यूटर-एडेड ड्रग डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग के बीच की दूरी को पाटने का काम कर रही है।
बड़े इन्वेस्टर्स का साथ
इस स्टार्टअप को कंप्यूटर साइंटिस्ट सोहम संकरण ने शुरू किया है। कंपनी अब तक $30 मिलियन की फंडिंग हासिल कर चुकी है, जिसमें बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन (Bill & Melinda Gates Foundation) और Vitalik Buterin से जुड़ी Balvi Fund जैसे बड़े नाम शामिल हैं। हालांकि, बायोटेक सेक्टर काफी कैपिटल-इंटेन्सिव है, जहां कमर्शियल सफलता के लिए लंबे समय तक फंडिंग की जरूरत बनी रहती है।
ऑस्ट्रेलिया क्यों जा रही है कंपनी?
PopVax अपने कोविड वैक्सीन के शुरुआती ट्रायल ऑस्ट्रेलिया में करने वाली है। इसकी वजह भारत में रेगुलेटरी अप्रूवल मिलने में लगने वाला लंबा समय है। ऑस्ट्रेलिया में ट्रायल करने से डेटा तेजी से मिलेगा, जो ग्लोबल पार्टनरशिप के लिए बेहद जरूरी है।
कैंसर रिसर्च और भविष्य की चुनौतियां
संक्रामक बीमारियों के अलावा, कंपनी लिवर और पैंक्रियाटिक कैंसर के लिए AI-पावर्ड प्लेटफॉर्म तैयार कर रही है। कंपनी ने 'इम्यून इंजन' भी लॉन्च किया है ताकि भविष्य के जैविक खतरों से निपटा जा सके।
निवेशकों के लिए नोट: बायोटेक सेक्टर में रिस्क काफी ज्यादा होता है। क्लिनिकल ट्रायल फेल होने या रेगुलेटरी अप्रूवल में देरी होने का सीधा असर कंपनी की वैल्यूएशन और कैश फ्लो पर पड़ सकता है। निवेशकों के लिए कंपनी की फंडिंग क्लोजिंग और ट्रायल के नतीजे आने वाले समय में सबसे बड़े ट्रिगर होंगे।
