हैदराबाद स्थित बायोटेक स्टार्टअप Helex Inc. ने किडनी की एक गंभीर बीमारी (ADPKD) के इलाज के लिए सिंगल-शॉट जीन थेरेपी पर काम शुरू किया है। कंपनी ने हाल ही में **$6.2 मिलियन** की फंडिंग जुटाई है और अब अमेरिकी FDA क्लीनिकल ट्रायल की तैयारी कर रही है।
जीन थेरेपी की नई उम्मीद
हैदराबाद की बायोटेक कंपनी Helex Inc. अब जीन-एडिटिंग के जरिए Autosomal Dominant Polycystic Kidney Disease (ADPKD) का इलाज खोजने में जुटी है। यह एक अनुवांशिक बीमारी है, जिसमें किडनी में सिस्ट बन जाते हैं और अंततः किडनी फेल हो सकती है। मौजूदा दवाएं जैसे कि Tolvaptan केवल बीमारी की रफ्तार को धीमा करती हैं, लेकिन जड़ से खत्म नहीं करतीं। Helex ने इस दिशा में 'लिपिड नैनोपार्टिकल टेक्नोलॉजी' का सहारा लिया है, ताकि जीन-एडिटिंग मॉलिक्यूल्स सीधे किडनी सेल्स तक पहुंच सकें।
फंड और रेगुलेटरी चुनौतियां
कंपनी ने $6.2 मिलियन की सीड और प्री-सीड फंडिंग जुटाई है, जिसमें pi Ventures और Bluehill Capital जैसे नाम शामिल हैं। अब कंपनी Series A फंडिंग राउंड की ओर बढ़ रही है। हालांकि, सबसे बड़ी चुनौती अमेरिकी FDA से Investigational New Drug (IND) एप्लीकेशन को मंजूरी दिलाना है।
निवेशकों को यह समझना चाहिए कि बायोटेक सेक्टर में जोखिम काफी अधिक होता है। क्लीनिकल ट्रायल के दौरान कई प्रयोग सफल नहीं हो पाते और रेगुलेटरी मंजूरी में लंबा समय और भारी खर्च लगता है।
बिजनेस मॉडल का नया रुख
Helex ने अपने ऑपरेशन को हैदराबाद के Genome Valley में शिफ्ट कर लिया है। कंपनी सिर्फ अपनी दवाएं ही विकसित नहीं कर रही, बल्कि अपने 'लिपिड नैनोपार्टिकल' प्लेटफॉर्म को दूसरी कंपनियों को लाइसेंस देकर भी कमाई करने की योजना बना रही है। इस हाइब्रिड मॉडल से कंपनी को भविष्य में स्टेबल कैश फ्लो मिलने की उम्मीद है।
