हैदराबाद स्थित बायोटेक स्टार्टअप PopVax ने अपनी नई COVID-19 वैक्सीन, PVX-001 के लिए ऑस्ट्रेलिया में फेज-1 ह्यूमन ट्रायल शुरू कर दिया है। यह वैक्सीन सामान्य फ्रिज के तापमान पर **9 महीने** तक खराब नहीं होगी। ध्यान दें कि PopVax एक प्राइवेट कंपनी है और शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है।
वैक्सीन की खास तकनीक
इस वैक्सीन की सबसे बड़ी खूबी इसकी 'टेंपरेचर स्टैबिलिटी' है। पहली पीढ़ी की mRNA वैक्सीन को -20°C या उससे कम तापमान पर रखना पड़ता था, जो लॉजिस्टिक्स के लिहाज से एक बड़ी चुनौती थी। इसके उलट, PopVax की PVX-001 को सामान्य फ्रिज के तापमान यानी 2-8°C पर 9 महीने तक सुरक्षित रखा जा सकता है। यह तकनीक भारत के ग्रामीण इलाकों और विकासशील देशों में वैक्सीन पहुंचाने के काम को बेहद आसान बना देगी।
ट्रायल अपडेट
फिलहाल ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में इसके फेज-1 क्लिनिकल ट्रायल चल रहे हैं। अक्टूबर 2026 की शुरुआत तक 36 में से 14 स्वस्थ वयस्कों को वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है और अब तक कोई गंभीर सुरक्षा समस्या सामने नहीं आई है।
फंडिंग और निवेशकों का भरोसा
PopVax एक प्राइवेट एंटिटी है, इसलिए इसका असर शेयर बाजार या NSE/BSE पर नहीं पड़ेगा। कंपनी को अब तक $13.5 मिलियन से ज्यादा की फंडिंग मिल चुकी है। इसमें बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन, NIAID, विटालिक ब्यूटिरिन का फंड 'Balvi' और गुड वेंचर्स जैसे नाम शामिल हैं।
भविष्य की रणनीति
कंपनी ने इस वैक्सीन डिजाइन को 'ओपन-सोर्स' रखने का फैसला किया है। ट्रायल सफल होने पर इसका डिजाइन सार्वजनिक कर दिया जाएगा ताकि दुनिया भर के मैन्युफैक्चरर इसे स्थानीय स्तर पर बना सकें। कोविड के अलावा, कंपनी हेपेटाइटिस सी, स्ट्रेप ए और कैंसर के इलाज के लिए AI-पावर्ड इम्यूनोथेरेपी पर भी काम कर रही है।
