Hospital Stocks: सुप्रीम कोर्ट की सख्ती से प्राइवेट अस्पतालों को झटका, फार्मा मार्जिन पर लगाम की तैयारी

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Hospital Stocks: सुप्रीम कोर्ट की सख्ती से प्राइवेट अस्पतालों को झटका, फार्मा मार्जिन पर लगाम की तैयारी

कैंसर की दवाओं की ऊंची कीमतों और जबरन इन-हाउस फार्मेसी से खरीदारी पर सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी के बाद प्राइवेट हॉस्पिटल शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। कोर्ट ने मार्जिन को **16%** तक सीमित करने का सुझाव दिया है।

30 सितंबर को प्राइवेट हॉस्पिटल के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। Apollo Hospitals, Max Healthcare, और Yatharth Hospital जैसे बड़े नामों के शेयर कारोबार के दौरान 4% से 6% तक टूट गए। निवेशकों को डर है कि अगर सरकार सुप्रीम कोर्ट के सुझावों को लागू करती है, तो हॉस्पिटल्स का पूरा रेवेन्यू मॉडल हिल सकता है।

क्या है पूरा मामला?

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कैंसर दवाओं की कीमतों में भारी अंतर को लेकर चिंता जताई। कोर्ट के सामने ऐसे मामले आए जहां दवा की कीमत थोक में ₹2,700 थी, लेकिन मरीजों को वह ₹27,000 की MRP पर बेची जा रही थी। इसे 'अत्यधिक' बताते हुए कोर्ट ने दवाओं पर प्रॉफिट मार्जिन को अधिकतम 16% तक सीमित करने का प्रस्ताव दिया है।

क्यों घबराए हैं निवेशक?

बड़ी हॉस्पिटल चेन के लिए फार्मेसी बिजनेस प्रॉफिट का एक बड़ा जरिया बन चुका है। इसके अलावा, कोर्ट ने इन-हाउस फार्मेसी से ही दवा खरीदने की मजबूरी पर भी सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वे 'कैप्टिव कंजम्पशन' (Captive Consumption) के इस मॉडल की जांच करें ताकि मरीजों का शोषण न हो।

अब बाजार की नजरें मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ पर टिकी हैं कि क्या Drugs (Prices Control) Order, 2013 में बदलाव कर ये नियम लागू किए जाते हैं या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.