पोल्ट्री सेगमेंट की शानदार परफॉर्मेंस से मुनाफे में बंपर उछाल
Hester Biosciences ने FY26 के चौथे क्वार्टर में दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Revenue) पिछले साल के ₹81.93 करोड़ की तुलना में 22% बढ़कर ₹100.11 करोड़ रहा। इस जबरदस्त ग्रोथ का असर मुनाफे पर भी दिखा, जो 974% की तूफानी तेजी से बढ़कर ₹16.55 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह सिर्फ ₹1.54 करोड़ था।
कंपनी का EBITDA 167% बढ़कर ₹36.10 करोड़ रहा, जिससे EBITDA मार्जिन 17% से सुधरकर 36% पर आ गया। ग्रॉस प्रॉफिट मार्जिन में भी 6 प्रतिशत अंकों का सुधार देखा गया।
पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) की बात करें तो रेवेन्यू 7% बढ़कर ₹332.60 करोड़ और नेट प्रॉफिट 99% बढ़कर ₹57.48 करोड़ दर्ज किया गया। सालाना EBITDA मार्जिन 10 प्रतिशत अंक बढ़कर 32% पर पहुंच गया।
कंपनी ने ₹11 प्रति शेयर का डिविडेंड (Dividend) भी घोषित किया है। इन शानदार नतीजों के दम पर स्टॉक मार्केट में Hester Biosciences के शेयर 4.82% की तेजी के साथ ₹1,824 पर बंद हुए।
एनिमल हेल्थ डिविजन में दिखी नरमी
जहां पोल्ट्री सेगमेंट ने कमाल दिखाया, वहीं कंपनी का एनिमल हेल्थ डिविजन (Animal Healthcare Division) उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। Q4 FY26 में इस डिविजन का रेवेन्यू पिछले साल के ₹30.54 करोड़ से 6% घटकर ₹28.64 करोड़ रह गया। इस गिरावट के पीछे सरकारी इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम में देरी और बाजार की मिली-जुली मांग को वजह बताया जा रहा है।
पूरे फाइनेंशियल ईयर में भी एनिमल हेल्थ डिविजन का रेवेन्यू 32% गिरकर ₹81.83 करोड़ पर आ गया। यह स्थिति कंपनी की ग्रोथ में पोल्ट्री सेगमेंट पर बढ़ती निर्भरता को दिखाती है।
भविष्य की योजनाएं और सेक्टर का आउटलुक
Hester Biosciences ने अपनी BSL-3 फैसिलिटी को कैपीटलाइज किया है और H9N2 एवियन इन्फ्लुएंजा वैक्सीन के लिए लाइसेंस भी हासिल कर लिया है। कंपनी का लक्ष्य अपने बायोलॉजिक्स पोर्टफोलियो को मजबूत करना और अफ्रीका जैसे एक्सपोर्ट मार्केट में विस्तार करना है।
भारतीय एनिमल हेल्थ मार्केट अगले दशक में 7.11% से 13.9% की CAGR से बढ़ने का अनुमान है, जिसे सरकारी पहलों का भी समर्थन मिल रहा है। इन अनुकूल सेक्टर ट्रेंड्स के बावजूद, कंपनी को अपने एनिमल हेल्थ डिविजन को रिवाइव करने और पोल्ट्री सेगमेंट की ग्रोथ को बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा।