Hearzap का बड़ा दांव! Amplifon India के अधिग्रहण से ₹230 Cr का Revenue Goal पार

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AuthorNeha Patil|Published at:
Hearzap का बड़ा दांव! Amplifon India के अधिग्रहण से ₹230 Cr का Revenue Goal पार
Overview

Hearzap ने India के Hearing Care Sector में अपनी पकड़ को और मजबूत कर लिया है। कंपनी ने Amplifon India का अधिग्रहण पूरा कर लिया है, जिससे करीब **240 आउटलेट** उसके नेटवर्क में शामिल हो गए हैं। 360 ONE Asset Management के सपोर्ट से यह डील हुई है और उम्मीद है कि इससे कंपनी का कंबाइंड रेवेन्यू **₹230 करोड़** के पार चला जाएगा। इस कदम से Hearzap देश भर में अपनी मौजूदगी बढ़ाकर भारत के ऑर्गेनाइज्ड हियरिंग केयर सेक्टर में लीडर बनने की राह पर है।

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Amplifon India के अधिग्रहण से Hearzap की बड़ी छलांग

Hearzap ने India के हियरिंग केयर मार्केट में तेजी से अपनी जगह बनाने के लिए Amplifon India का अधिग्रहण किया है। यह कदम कंपनी की ग्रोथ की रफ्तार को और बढ़ाएगा। करीब 240 पॉइंट ऑफ सेल के जुड़ने से Hearzap का नेशनल फुटप्रिंट काफी बड़ा हो गया है। अनुमान है कि इस अधिग्रहण के बाद कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹230 करोड़ को पार कर जाएगा, जिससे Hearzap भारत के ऑर्गेनाइज्ड हियरिंग केयर मार्केट में एक बड़ा प्लेयर बन जाएगा। आपको बता दें कि Amplifon India का पिछला सालाना रेवेन्यू करीब ₹120 करोड़ था।

भारत के हियरिंग एड मार्केट में बूम

भारत का हियरिंग एड मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। आने वाले समय में यह मार्केट मौजूदा $300 मिलियन से बढ़कर $1.4 बिलियन तक पहुंच सकता है। इसकी मुख्य वजह भारत की बुजुर्ग आबादी का बढ़ना और हियरिंग हेल्थ के प्रति जागरूकता में इजाफा है। Hearzap का लक्ष्य एक ऐसी डोमिनेंट, डोमेस्टिकली इंटीग्रेटेड कंपनी बनाना है जो लोकल मार्केट की चुनौतियों से निपट सके। अपनी टेक्नोलॉजी-ड्रिवन प्लेटफॉर्म को Amplifon India की क्लिनिकल एक्सपर्टाइज और कस्टमर बेस के साथ जोड़कर Hearzap इंटरनेशनल प्लेयर्स से अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रहा है। कंपनी का फोकस सिर्फ प्रोडक्ट बेचने पर नहीं, बल्कि एक्सेसिबिलिटी और अफोर्डेबिलिटी पर भी है, खासकर रिमोट डायग्नोसिस और वर्चुअल कंसल्टेशन जैसे डिजिटल सॉल्यूशंस से।

इंटीग्रेशन में चुनौतियां और जोखिम

Amplifon India को इंटीग्रेट करना Hearzap के लिए आसान नहीं होगा। Amplifon के ग्लोबल 'Fit4Growth' प्रोग्राम के तहत भारतीय ऑपरेशंस को divest किया गया था, क्योंकि वे पेरेंट ग्रुप के EBITDA पर नेगेटिव असर डाल रहे थे और 2025 तक करीब €12 मिलियन (लगभग ₹110 करोड़) का ही रेवेन्यू जेनरेट कर पा रहे थे। अब Hearzap को साबित करना होगा कि वह इन ऑपरेशंस को बेहतर बना सकता है। हियरिंग एड्स की हाई कॉस्ट (₹20,000 से ₹3 लाख तक) अभी भी कई भारतीय कंज्यूमर्स के लिए एक बड़ा बैरियर है। साथ ही, देश भर में क्वालिफाइड ऑडियोगोलॉजिस्ट्स की कमी के चलते, खासकर छोटे शहरों में, सर्विस क्वालिटी और एक्सेसिबिलिटी में दिक्कतें आ सकती हैं। Hearzap की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह Amplifon के नेटवर्क को कितनी कुशलता से इंटीग्रेट और ऑप्टिमाइज करता है, और साथ ही अपनी टेक सॉल्यूशंस में इनोवेशन जारी रखता है।

भविष्य के लक्ष्य और निवेशकों का भरोसा

आगे देखते हुए, Hearzap का लक्ष्य चालू फिस्कल ईयर के अंत तक ₹250 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करना और FY2029 तक ₹500 करोड़ तक पहुंचना है। कंपनी 2027 तक अपने सेंटर्स की संख्या बढ़ाकर लगभग 500 करने की योजना बना रही है। Hearzap के इन्वेस्टर, 360 ONE Asset Management, हियरिंग हेल्थ मार्केट को एक आकर्षक और बढ़ता हुआ सेक्टर मानते हैं, जो Hearzap की एक्सपेंशन स्ट्रैटेजी को लगातार सपोर्ट मिलने का संकेत देता है। यह पूरा मार्केट 2030-2035 तक 5% से 9.6% के CAGR से बढ़ने का अनुमान है, जो कंसॉलिडेटेड प्लेयर्स के लिए अनुकूल माहौल बनाता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.