Ayushman Bharat Scheme: हरियाणा के अस्पतालों ने छेड़ी जंग, **₹1,200 करोड़** के बकाया भुगतान पर सेवाएं ठप

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AuthorNeha Patil|Published at:
Ayushman Bharat Scheme: हरियाणा के अस्पतालों ने छेड़ी जंग, **₹1,200 करोड़** के बकाया भुगतान पर सेवाएं ठप

हरियाणा के प्राइवेट अस्पतालों ने आयुष्मान भारत योजना के तहत अपनी सेवाएं 1 सितंबर, 2026 को 24 घंटे के लिए बंद रखने का फैसला लिया है। विरोध का कारण सरकार की ओर से बकाया **₹1,200 करोड़** का भुगतान न होना है।

हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। राज्य के प्राइवेट अस्पतालों ने सरकार की आयुष्मान भारत स्कीम के तहत दी जाने वाली सेवाओं को 1 सितंबर, 2026 को 24 घंटे के लिए रोकने का ऐलान किया है। हालांकि इमरजेंसी सुविधाएं चालू रहेंगी, लेकिन ओपीडी और अन्य रूटीन प्रक्रियाएं पूरी तरह प्रभावित होंगी।

क्यों भड़के हैं अस्पताल?

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की हरियाणा इकाई इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही है। अस्पतालों का कहना है कि उनके लगभग ₹1,200 करोड़ के क्लेम महीनों से लंबित हैं। नियमों के मुताबिक, इन क्लेम्स का निपटान 15 दिन के भीतर होना चाहिए था, लेकिन देरी के कारण छोटे प्राइवेट अस्पतालों के सामने भारी लिक्विडिटी क्रंच (Liquidity Crunch) की स्थिति पैदा हो गई है, जिससे स्टाफ की सैलरी और मेडिकल सप्लाई का खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है।

सरकार का क्या है पक्ष?

वहीं, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार ने इस देरी के पीछे बिलिंग में विसंगतियां और संभावित धोखाधड़ी की जांच को मुख्य कारण बताया है। सरकार का कहना है कि वे फेडरल प्रोटोकॉल के तहत क्लेम वेरिफिकेशन कर रहे हैं, जिससे प्रक्रिया थोड़ी धीमी हो गई है।

आगे क्या होगा?

IMA ने साफ कर दिया है कि अगर सरकार ने बकाया रकम जारी करने के लिए कोई ठोस टाइमलाइन नहीं दी, तो 16 सितंबर, 2026 से वे इस योजना से अनिश्चितकाल के लिए खुद को अलग कर लेंगे। अब देखना यह है कि क्या आने वाले हफ्तों में सरकार और डॉक्टरों के बीच कोई बीच का रास्ता निकलता है या आम जनता की मुसीबतें और बढ़ेंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.