हैदराबाद स्थित HRV Pharma ने यूरोप के क्लिनिकल ट्रायल सप्लाई मार्केट में अपनी पैठ जमाने के लिए जर्मन थोक विक्रेता Phatebo GmbH का अधिग्रहण कर लिया है। यह कदम कंपनी के लिए API से फिनिश्ड मेडिसिन की ओर बड़े बदलाव का संकेत है, जिसे **2027** में आने वाले IPO से पहले एक बड़ी तैयारी माना जा रहा है।
यूरोप में बढ़ेगी पकड़
हैदराबाद की फार्मा कंपनी HRV Pharma ने जर्मनी की कंपनी Phatebo GmbH में 100% हिस्सेदारी खरीदने का पक्का करार किया है। यह सौदा ZeroStack Corp के साथ हुआ है। हिलजिंगेन स्थित Phatebo मुख्य रूप से क्लिनिकल ट्रायल और जरूरी दवाओं की सप्लाई चेन लॉजिस्टिक्स संभालती है। साल 2025 में कंपनी का रेवेन्यू करीब ₹350 करोड़ रहा था।
इस डील का सबसे बड़ा फायदा यह है कि HRV Pharma को यूरोप की कड़े नियमों वाली मार्केट में एंट्री के लिए एक बना-बनाया रास्ता मिल गया है। अब कंपनी को जर्मनी के होलसेल ऑथराइजेशन का सीधा एक्सेस मिलेगा।
बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव
अब तक HRV Pharma का पूरा ध्यान मुख्य रूप से API (एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स) के प्रोडक्शन पर था। Phatebo को खरीदने के बाद कंपनी अब 'फिनिश्ड फॉर्मूलेशन' के हाई-वैल्यू सेगमेंट में कदम रख रही है। यह रणनीति कंपनी को सीधे कंज्यूमर के करीब ले जाएगी और उसके रेवेन्यू सोर्सेज को भी डायवर्सिफाई करेगी।
2027 IPO की सुगबुगाहट
फिलहाल HRV Pharma एक प्राइवेट कंपनी है, इसलिए इसके शेयर NSE या BSE पर लिस्टेड नहीं हैं। हालांकि, मार्केट में चर्चा है कि कंपनी 2027 की पहली छमाही में अपना IPO लाने की तैयारी कर रही है। यह अधिग्रहण उसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है ताकि कंपनी अपनी वित्तीय स्थिति और पोर्टफोलियो को मजबूत दिखा सके।
चुनौतियां और जोखिम
यूरोपीय बाजार में विस्तार करना आसान नहीं है। वहां के कड़े 'गुड डिस्ट्रीब्यूशन प्रैक्टिस' (GDP) मानकों का पालन करना और किसी विदेशी सहायक कंपनी को सफलतापूर्वक एकीकृत करना एक बड़ी चुनौती है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय व्यापार शुल्क और जियोपॉलिटिकल अस्थिरता जैसे कारक भी कंपनी के लिए रिस्क पैदा कर सकते हैं। निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी कैसे इन चुनौतियों को पार करते हुए Phatebo के ऑपरेशन्स को अपने मौजूदा बिजनेस मॉडल के साथ जोड़ती है।
