ऑपरेशनल ग्रोथ का दम, लेकिन लागतों का बोझ
Healthcare Global Enterprises (HCG) ने Q3 FY26 में दमदार प्रदर्शन करते हुए रेवेन्यू में पिछले साल की तुलना में 13% का इजाफा किया है। इस ग्रोथ की मुख्य वजह मरीजों की संख्या में 8% की बढ़ोतरी और प्रति मरीज औसत रेवेन्यू (ARPP) में 5% की उछाल रही, जो अब ₹84,208 हो गया है। कंपनी का EBITDA 24% बढ़कर ₹110 करोड़ रहा, और मार्जिन भी 17.3% तक पहुंच गया। यह दर्शाता है कि कंपनी अपने ऑपरेशन्स को बेहतर ढंग से मैनेज कर रही है।
बढ़ती लागतों और घाटे की चुनौती
हालांकि, इन शानदार नंबर्स के बावजूद, कंपनी का प्री-टैक्स अर्निंग्स (EBT) 53% घटकर ₹6 करोड़ के निगेटिव स्तर पर चला गया। इसके पीछे मुख्य कारण बढ़ा हुआ डेप्रिसिएशन (मूल्यह्रास) और फाइनेंस कॉस्ट्स (वित्तीय लागत) हैं। मौजूदा ब्याज दरों के माहौल में यह एक बड़ी चुनौती है।
विस्तार की बड़ी योजनाएं और KKR का भरोसा
HCG भविष्य को लेकर बड़े प्लान बना रही है। कंपनी अगले 2-3 सालों में 1,000 नए बेड जोड़ने की योजना बना रही है। इस विस्तार के लिए फंड जुटाने और बैलेंस शीट को मजबूत करने के वास्ते कंपनी ₹420 करोड़ तक का राइट्स इश्यू लाने की तैयारी में है। यह कदम कंपनी को वित्तीय रूप से और मजबूत करेगा।
KKR & Co. Inc. अब HCG का नया प्रमोटर है, जो कंपनी में एक बड़े स्ट्रेटेजिक बदलाव का संकेत देता है। KKR के इस कदम से कंपनी की वित्तीय फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ेगी और भविष्य में विस्तार के मौके खुलेंगे।
ब्रोकरेज की राय और टारगेट
इस स्थिति को देखते हुए, ब्रोकरेज फर्म Geojit ने HCG पर भरोसा जताते हुए अपनी रेटिंग को 'Buy' कर दिया है और टारगेट प्राइस ₹724 रखा है। यह उम्मीद FY28E EV/EBITDA के 16x मल्टीपल पर आधारित है, जो कंपनी की विस्तार और कर्ज कम करने की योजनाओं की सफलता पर निर्भर करता है।
क्या हैं रिस्क?
सब कुछ ठीक नहीं है। राइट्स इश्यू से शेयरहोल्डिंग डाइल्यूट होने का रिस्क है, अगर जुटाए गए फंड का सही इस्तेमाल नहीं हुआ तो। कंपनी पर 3.40 गुना डेट टू EBITDA का बोझ है, जो बढ़ती ब्याज दरों में लिक्विडिटी की समस्या पैदा कर सकता है। पिछले तीन सालों में कंपनी का प्रॉफिट ग्रोथ -54.82% रहा है और ROE भी औसतन 2.26% रहा है। KKR के आने से ऑपरेशनल सुधार की उम्मीद है, लेकिन यह एक ट्रांजिशन फेज हो सकता है।
भविष्य की राह
KKR का साथ, विस्तार की योजनाएं और ARPP बढ़ाने पर फोकस, HCG को अगले 2-3 सालों में अच्छी टॉप-लाइन ग्रोथ दे सकते हैं। Geojit की 'Buy' रेटिंग इस उम्मीद को दर्शाती है कि कंपनी लागत के दबावों से पार पाकर KKR की विशेषज्ञता का लाभ उठाएगी। राइट्स इश्यू से कर्ज कम करना कंपनी के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा।