नतीजों पर एक नज़र (Financial Snapshot)
Gujarat Kidney And Superspeciality Limited ने 30 सितंबर, 2025 को समाप्त हुई छमाही (H1 FY26) के लिए ₹1,151.97 लाख (₹11.52 करोड़) का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। इसी अवधि के लिए कुल आय ₹2,828.52 लाख (₹28.29 करोड़) रही।
कंपनी के बोर्ड ने 19 मार्च, 2026 को हुई बैठक में इन नतीजों को स्वीकृत किया। साथ ही, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए मिस्टर धर्मेंद्र भालिया को सेक्रेटेरियल ऑडिटर और मिस्टर सिद्धार्थ अतुलभाई शाह को इंटरनल ऑडिटर के तौर पर नियुक्त करने की मंजूरी दी गई।
रेगुलेटरी मुद्दे और पिछली कार्रवाइयों की मंजूरी (Regulatory Clarifications)
बोर्ड ने 14 फरवरी, 2026 को हुई पिछली बोर्ड मीटिंग की कुछ कार्रवाइयों को भी मंजूरी दी। ऐसा SEBI (Listing Obligations and Disclosure Requirements) रेगुलेशन के तहत अनजाने में हुई गलतफहमी को दूर करने के लिए किया गया।
कंपनी की पृष्ठभूमि और IPO
Gujarat Kidney गुजरात भर में मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल चलाती है, जो सेकेंडरी और टर्शियरी हेल्थकेयर सेवाएं प्रदान करते हैं। कंपनी ने हाल ही में 2025 के अंत में अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) पूरा किया है, जिससे जुटाई गई राशि का इस्तेमाल अधिग्रहण, हॉस्पिटल नेटवर्क के विस्तार और कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा।
इससे पहले, नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने कंपनी को फाइनेंशियल ईयर 2021-22 से 2023-24 के लिए अपने बोर्ड की रिपोर्ट और वित्तीय नोट्स को स्वेच्छा से संशोधित करने की अनुमति दी थी।
पूरा फाइनेंशियल ईयर 2025 का हिसाब
फाइनेंशियल ईयर 31 मार्च, 2025 को समाप्त होने वाले पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए, Gujarat Kidney का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ₹1,276.52 लाख (₹12.77 करोड़) रहा, जबकि कुल आय ₹4,039.70 लाख (₹40.40 करोड़) थी।
स्टैंडअलोन आधार पर, कंपनी ने 30 सितंबर, 2025 को समाप्त हुई छमाही के लिए ₹620.10 लाख (₹6.20 करोड़) का प्रॉफिट और ₹2,110.91 लाख (₹21.11 करोड़) की कुल आय दर्ज की। पूरे FY25 के लिए स्टैंडअलोन प्रॉफिट ₹910.90 लाख (₹9.11 करोड़) और आय ₹3,528.11 लाख (₹35.28 करोड़) थी।
मार्केट में स्थिति और आगे क्या?
Gujarat Kidney हेल्थकेयर सेक्टर में Apollo Hospitals Enterprise Ltd., Max Healthcare Institute Ltd., Fortis Healthcare Ltd., और Narayana Hrudayalaya Ltd. जैसे बड़े नामों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।
शेयरहोल्डर्स के लिए, हालिया बोर्ड अप्रूवल FY26 की पहली छमाही के वित्तीय प्रदर्शन की स्पष्टता देते हैं। FY25-26 के लिए ऑडिटर की नियुक्ति कंप्लायंस और गवर्नेंस स्टैंडर्ड्स सुनिश्चित करती है। निवेशक कंपनी के IPO फंड के इस्तेमाल और भविष्य के ग्रोथ प्लान्स पर बारीकी से नज़र रखेंगे।