USFDA का एक्शन: तेलंगाना प्लांट में कंप्लायंस की गड़बड़ियां
US Food and Drug Administration (USFDA) ने Granules India की सब्सिडियरी Granules Life Sciences के तेलंगाना स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का इंस्पेक्शन किया। 15 से 19 दिसंबर 2025 तक चले इस इंस्पेक्शन के बाद, USFDA ने प्लांट को Voluntary Action Indicated (VAI) क्लासिफिकेशन दिया है। इसका सीधा मतलब है कि इंस्पेक्शन में कुछ कंप्लायंस से जुड़ी समस्याएं पाई गई हैं, जिन्हें कंपनी को खुद ही ठीक करना होगा। हालांकि, अच्छी बात यह है कि इस इंस्पेक्शन में कोई 'Regulatory Action' की सिफारिश नहीं की गई है, यानी फिलहाल कोई बड़ा एक्शन नहीं लिया गया है। यह स्थिति कंपनी की एक दूसरी अमेरिकी यूनिट, Granules Consumer Health LLC, के लिए मार्च में मिली 'No Action Indicated' (NAI) रिपोर्ट से थोड़ी अलग है।
रेगुलेटरी रिपोर्ट के बावजूद शेयर में तूफानी तेजी
इस रेगुलेटरी अपडेट के बावजूद, Granules India के शेयर ने निवेशकों को मालामाल किया है। पिछले एक साल में स्टॉक करीब 27.31% का ज़बरदस्त रिटर्न दे चुका है। शेयर ₹412.05 से लेकर ₹640.00 तक के स्तरों को छू चुका है और मार्च 2026 के अंत तक यह ₹624.35 के आसपास कारोबार कर रहा था। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹15,391.91 करोड़ है।
एनालिस्ट्स का भरोसा और वैल्यूएशन
Granules India का ट्रेलिंग ट्वेल्व-मंथ (TTM) प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो लगभग 27-28x है। यह वैल्यूएशन सेक्टर के दूसरे बड़े नामों जैसे Dr. Reddy's Laboratories (18.3x P/E) और Aurobindo Pharma (21.5x P/E) से थोड़ी ज्यादा है, पर Divi's Laboratories (63.7x P/E) और Laurus Labs (63.6x P/E) जैसे API स्पेशलिस्ट से कम है। वहीं, Nifty Pharma इंडेक्स का P/E 33.3x पर है। इन सब के बीच, एनालिस्ट्स का Granules India पर भरोसा कायम है। उनका मानना है कि स्टॉक में अभी और तेजी आ सकती है और उन्होंने औसतन ₹650-₹660 का टारगेट प्राइस दिया है, जो मौजूदा स्तरों से और ऊपर जाने की संभावना जताता है।
पुरानी USFDA दिक्कतें और भविष्य की चुनौतियां
हालांकि VAI स्टेटस 'Official Action Indicated' (OAI) से कम गंभीर है, लेकिन यह साफ करता है कि इंस्पेक्शन में कुछ कमियां पाई गई हैं। यह कंपनी के लिए चिंता का विषय हो सकता है, क्योंकि Granules India का USFDA के साथ पुराना इतिहास रहा है। अगस्त 2024 में, USFDA ने Granules India के Gagillapur प्लांट को एक चेतावनी पत्र (Warning Letter) जारी किया था। उस इंस्पेक्शन में कई बड़ी गड़बड़ियां पाई गई थीं, जैसे कि अन-हाइजीनिक उपकरण, उत्पादन से जुड़ी समस्याएं, खराब क्वालिटी कंट्रोल रिकॉर्ड्स और प्लांट का अपर्याप्त रखरखाव। हालात ये थे कि एयर यूनिट्स के पास पक्षियों की भी गंदगी पाई गई थी। ऐसे निष्कर्ष, खासकर जब कंपनी अमेरिकी जैसे रेगुलेटेड मार्केट पर बहुत निर्भर है, भविष्य में प्रोडक्ट अप्रूवल और ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी को प्रभावित कर सकते हैं।
कंपनी की स्ट्रेटेजी और सेक्टर का आउटलुक
भारतीय फार्मा सेक्टर में FY2026 तक 7-9% की ग्रोथ का अनुमान है, जिसकी मुख्य वजह डोमेस्टिक डिमांड और यूरोप को होने वाला एक्सपोर्ट है। वहीं, अमेरिकी मार्केट में प्राइस प्रेशर और रेगुलेटरी अड़चनों के चलते यह थोड़ा चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। Granules India अपनी फिनिश्ड डोसेज फॉर्मूलेशन (Finished Dosage Formulations) सेगमेंट को बढ़ाने पर फोकस कर रही है, खासकर नॉर्थ अमेरिका में, जो Q4 FY25 में कंपनी के रेवेन्यू का 79% था। मैनेजमेंट अपने चल रहे प्रोजेक्ट्स, प्रोडक्ट सुधारों और नॉन-लेगेसी मॉलिक्यूल पोर्टफोलियो के विस्तार को लेकर आश्वस्त है। रेगुलेटरी मांगों को पूरा करना और कंप्लायंस बनाए रखना कंपनी के भविष्य के ग्रोथ और निवेशकों का भरोसा बनाए रखने के लिए बेहद अहम होगा।