फार्मा सेक्टर की दिग्गज कंपनी Granules India में एक बड़ा ब्लॉक डील देखने को मिला है। कंपनी के प्रमोटर कृष्णा प्रसाद चिगुरुपति ने अपनी हिस्सेदारी में कटौती करते हुए करीब **₹1,160 करोड़** के शेयर बेचे हैं।
ब्लॉक डील की इनसाइड स्टोरी
11 सितंबर 2026 को मार्केट में Granules India के 1.33 करोड़ शेयर ब्लॉक डील के जरिए हाथों-हाथ बदले गए। यह सौदा ₹872.50 प्रति शेयर के भाव पर हुआ, जो कि पिछले दिन की क्लोजिंग प्राइस (₹899.25) के मुकाबले करीब 3% सस्ता था।
प्रमोटर का प्लान और लॉक-इन
शेयर बेचने वाले प्रमोटर कृष्णा प्रसाद चिगुरुपति हैं, जिनके पास जून 2026 तक कंपनी में लगभग 31% हिस्सेदारी थी। बाजार में चर्चा है कि वे अपनी कुल 6.94% हिस्सेदारी (करीब 1.72 करोड़ शेयर) कम करने की योजना बना रहे हैं। राहत की बात यह है कि इस डील के साथ 180 दिन का 'लॉक-इन पीरियड' जुड़ा है, यानी अगले 6 महीनों तक प्रमोटर और शेयर बाजार में नहीं बेच पाएंगे। इससे सप्लाई को लेकर निवेशकों की चिंताएं कम हुई हैं।
कंपनी का मजबूत फाइनेंशियल ट्रैक रिकॉर्ड
भले ही प्रमोटर ने हिस्सेदारी घटाई है, लेकिन कंपनी का बिजनेस फ्रंट पर प्रदर्शन बेहद दमदार रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 60% उछलकर ₹179.96 करोड़ पहुंच गया। साथ ही, रेवेन्यू में 22% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो ₹1,476.8 करोड़ रहा।
कंपनी अब 'कॉम्प्लेक्स जेनेरिक्स' (Complex Generics) पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसका हिस्सा फिनिश्ड डोजेज सेल्स में 50% तक पहुंच चुका है। वहीं, EBITDA मार्जिन भी 22.9% पर मजबूती से टिका हुआ है।
निवेशकों के लिए आगे का रास्ता
Granules India का स्टॉक 2026 में अब तक करीब 45% की रैली दिखा चुका है। आमतौर पर बड़ी ब्लॉक डील से शॉर्ट टर्म में सप्लाई बढ़ती है, लेकिन अगर इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स इसमें दिलचस्पी दिखाते हैं, तो यह कंपनी का फ्री फ्लोट बढ़ा सकता है, जो लंबी अवधि में बेहतर प्राइस डिस्कवरी के लिए अच्छा संकेत होगा।
