Granules India ने अमेरिका में Ruxolitinib Extended-Release Tablets के लिए पैरा-IV फाइलिंग की है। कंपनी का लक्ष्य **180 दिन** की जेनेरिक एक्सक्लूसिविटी हासिल करना है, जो उसके 'ग्रैनुल्स 2.0' रणनीति का एक हिस्सा है।
अमेरिकी बाजार में बड़ा दांव
हैदराबाद की दिग्गज दवा कंपनी Granules India ने अमेरिकी ड्रग रेगुलेटर FDA के पास Ruxolitinib Extended-Release Tablets के लिए पैरा-IV फाइलिंग की है। अगर कंपनी को मंजूरी मिलती है, तो वह अमेरिका में इस दवा को लॉन्च करने वाली पहली जेनेरिक कंपनी बन सकती है। इससे उन्हें 180 दिनों का एक्सक्लूसिव मार्केटिंग अधिकार मिल जाएगा, जो मुनाफे के लिहाज से बड़ा गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
'ग्रैनुल्स 2.0' और भविष्य की तैयारी
यह कदम कंपनी की नई रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी अब कम मार्जिन वाली दवाओं से हटकर हाई-वैल्यू और कॉम्प्लेक्स दवाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी के कुल रेवेन्यू में इन कॉम्प्लेक्स प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी करीब 33% तक पहुंच गई है। कंपनी ने अगले 3-4 सालों में पेप्टाइड CDMO और ऑन्कोलॉजी जैसे क्षेत्रों में अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए ₹2,000 करोड़ के निवेश का प्लान बनाया है।
मजबूत फाइनेंशियल बैकअप
कंपनी के पास इस आक्रामक विस्तार के लिए पर्याप्त कैश मौजूद है। सितंबर 2026 में प्रमोटर वारंट कन्वर्जन के जरिए कंपनी ने ₹1,093 करोड़ जुटाए हैं, जिससे कंपनी अब नेट कैश सरप्लस की स्थिति में है। यह फंड जटिल दवाओं के विकास और कानूनी चुनौतियों से निपटने के लिए एक मजबूत कवच का काम करेगा।
कानूनी चुनौतियां और जोखिम
पैरा-IV फाइलिंग का रास्ता कांटों भरा होता है। मौजूदा पेटेंट धारक कंपनी के साथ कानूनी लड़ाई और लंबी लिटिगेशन की पूरी संभावना है। साथ ही, FDA की मंजूरी में देरी और अमेरिकी जेनेरिक मार्केट में बढ़ती प्राइसिंग प्रतियोगिता कंपनी के लिए बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। निवेशकों को अब रेगुलेटरी अपडेट्स और पेटेंट चुनौतियों पर करीबी नजर रखनी होगी।
