केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने Bharat Health Global Expo को लेकर बड़े प्लान का ऐलान किया है। सरकार का लक्ष्य 2027 तक इस आयोजन को 4 गुना बड़ा करना है। निवेशकों के लिए जरूरी है कि यह कोई पब्लिक लिस्टेड कंपनी नहीं, बल्कि एक सरकारी ट्रेड प्लेटफॉर्म है।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने Bharat Health Global Expo के भविष्य को लेकर महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए हैं। सरकार की योजना है कि 2027 तक इस प्लेटफॉर्म को 4 गुना बड़ा किया जाए और इसमें प्रतिभागियों की संख्या को शुरुआती 2026 के आयोजन के मुकाबले 6 गुना तक बढ़ाया जाए। यह आयोजन नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जाता है।
हेल्थकेयर सेक्टर के लिए महत्व
यह एक्सपो भारत के हेल्थकेयर वैल्यू चेन को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने का एक सरकारी जरिया है। इसका मुख्य उद्देश्य फार्मास्युटिकल कंपनियों, मेडिकल इक्विपमेंट सप्लायर्स और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के बीच मजबूत साझेदारी बनाना है। सरकार इसे भारत को मेडिकल वैल्यू टूरिज्म, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) और एडवांस मेडिकल टेक्नोलॉजी का हब बनाने की अपनी रणनीति के रूप में देख रही है।
निवेशकों के लिए स्पष्टीकरण
निवेशकों को यह समझना चाहिए कि यह कोई कमर्शियल बिजनेस या पब्लिकली ट्रेडेड कंपनी नहीं है। इसे PHARMEXCIL और SEPC जैसी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल द्वारा आयोजित किया जाता है। इसलिए, इसमें कोई शेयर, मार्केट कैप या फाइनेंशियल डेटा उपलब्ध नहीं है।
सेक्टर का रुख कैसे समझें?
हालांकि इसमें सीधे निवेश का मौका नहीं है, लेकिन यह एक्सपो हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर के लिए एक 'बेलवेदर' की तरह काम करता है। इवेंट के दौरान होने वाली चर्चाएं और सरकारी नीतियां यह संकेत देती हैं कि सरकार किन क्षेत्रों पर जोर दे रही है। निवेशक यहां से मिलने वाले ट्रेंड्स को ट्रैक करके फार्मा और मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी लिस्टेड कंपनियों के फ्यूचर पर अपनी नजर रख सकते हैं।
