Pharma Sector Reform: सरकार जल्द लाएगी नए नियम, दवाओं की मंजूरी होगी अब और भी तेज

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AuthorMehul Desai|Published at:
Pharma Sector Reform: सरकार जल्द लाएगी नए नियम, दवाओं की मंजूरी होगी अब और भी तेज

फार्मा सेक्टर के लिए बड़ी खबर! फार्मा सेक्रेटरी मनोज जोशी ने अगले **1 से 2 महीनों** में बड़े रेगुलेटरी रिफॉर्म्स का ऐलान किया है। सरकार का फोकस दवाओं की मंजूरी की प्रक्रिया को तेज करने और कंपनियों को रिसर्च व इनोवेशन पर ज्यादा खर्च करने के लिए प्रोत्साहित करने पर है।

इंडियन फार्मा सेक्टर एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। 8वें CII फार्मा एंड लाइफसाइंसेज समिट में फार्मा सेक्रेटरी मनोज जोशी ने साफ कर दिया है कि सरकार ड्रग अप्रूवल सिस्टम को आसान और तेज बनाने के लिए काम कर रही है। इससे नई दवाओं के मार्केट में आने का समय कम होने की उम्मीद है।

इनोवेशन पर सरकार का जोर

अब तक भारत दुनिया भर में सस्ती जेनेरिक दवाएं बनाने के लिए जाना जाता रहा है। लेकिन सरकार अब कंपनियों से सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग तक सीमित न रहकर, रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) में निवेश बढ़ाने और हाई-वैल्यू मॉलिक्यूल्स विकसित करने की उम्मीद कर रही है।

निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?

रिसर्च पर ज्यादा खर्च से कंपनियों के ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन पर शॉर्ट टर्म में दबाव पड़ सकता है। हालांकि, लंबी अवधि में यह कंपनियों के पोर्टफोलियो और ग्लोबल वैल्यूएशन को बेहतर बना सकता है। निवेशकों को अब कंपनियों के बैलेंस शीट में रिसर्च खर्च पर नजर रखनी होगी।

क्वालिटी और रेगुलेटरी रिस्क

तेज मंजूरी का मतलब यह नहीं है कि क्वालिटी से समझौता किया जाएगा। भारतीय फार्मा कंपनियों को अक्सर USFDA की कड़ी जांच का सामना करना पड़ता है। बेहतर भविष्य के लिए कंपनियों को इन नए नियमों के साथ-साथ ग्लोबल क्वालिटी मानकों और डेटा इंटीग्रिटी को भी बरकरार रखना होगा, ताकि एक्सपोर्ट मार्केट में किसी भी तरह की कानूनी अड़चन या बैन से बचा जा सके।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.