Cancer Drugs Price Cap: सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले सरकार का बड़ा कदम, हॉस्पिटल शेयरों पर बढ़ेगा दबाव

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AuthorMehul Desai|Published at:
Cancer Drugs Price Cap: सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले सरकार का बड़ा कदम, हॉस्पिटल शेयरों पर बढ़ेगा दबाव

कैंसर की दवाओं के दाम कम करने के लिए सरकार आज एक नई लिस्ट जारी कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बीच यह फैसला लिया गया है, जिसका असर हॉस्पिटल चेन के शेयरों पर दिख सकता है।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा दवाओं के भारी-भरकम रिटेल मार्जिन को 'कारनेज' (carnage) कहे जाने के बाद, केंद्र सरकार आज यानी 8 अक्टूबर 2026 को कैंसर की दवाओं के लिए 'ट्रेड मार्जिन रेशनलाइजेशन' की नई लिस्ट जारी करने की तैयारी में है। 12 अक्टूबर 2026 को होने वाली अहम सुनवाई से पहले सरकार का यह कदम एक बड़ी कवायद माना जा रहा है।

हेल्थकेयर स्टॉक्स पर असर

इस खबर ने बाजार में हलचल मचा दी है क्योंकि इसका सीधा असर Apollo Hospitals, Max Healthcare और Fortis Healthcare जैसे बड़े नामों पर पड़ेगा। नियामक अनिश्चितता के कारण पिछले कुछ हफ्तों में ये शेयर 5% से 10% तक गिर चुके हैं। अगर कोर्ट ने अनिवार्य 16% मार्जिन का नियम लागू किया, तो हॉस्पिटल्स की इन-हाउस फार्मेसी से होने वाली कमाई में 2% से 10% तक की गिरावट आ सकती है।

इंडस्ट्री का क्या है रुख?

साल 2019 में नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने 42 नॉन-शेड्यूल्ड कैंसर दवाओं पर 30% का कैप लगाया था। हालांकि, अब हॉस्पिटल मैनेजमेंट का तर्क है कि कैंसर की दवाएं सामान्य दवाओं से अलग होती हैं, क्योंकि इनके लिए स्पेशल कोल्ड-चेन स्टोरेज और एक्सपर्ट हैंडलिंग की जरूरत होती है। उनका कहना है कि मार्जिन कैप से इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत निकालना मुश्किल हो जाएगा।

निवेशकों को क्या देखना चाहिए?

आज की घोषणा के अलावा, 12 अक्टूबर की सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई सबसे बड़ा ट्रिगर होगी। निवेशक इस बात पर नजर रखें कि क्या कोर्ट दवाओं की 'लैंडिंग कॉस्ट' और 'MRP' को बिल में दिखाने की पारदर्शिता अनिवार्य करती है। अगर ऐसा हुआ, तो यह सिर्फ कैंसर दवाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे निजी हेल्थकेयर सेक्टर के मुनाफे पर दबाव बना सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.