Cancer Drugs Price: कैंसर की 110 दवाओं के मार्जिन पर सरकार का कड़ा प्रहार, आम आदमी को होगी **₹2,500 करोड़** की बचत

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Cancer Drugs Price: कैंसर की 110 दवाओं के मार्जिन पर सरकार का कड़ा प्रहार, आम आदमी को होगी **₹2,500 करोड़** की बचत

सरकार ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 110 नॉन-शेड्यूल्ड दवाओं के ट्रेड मार्जिन को अधिकतम **30%** तक सीमित कर दिया है। इससे मरीजों को सालाना **₹2,500 करोड़** का बड़ा फायदा होगा, क्योंकि अब तक इन दवाओं पर **700%** तक का भारी मार्कअप वसूला जा रहा था।

भारत सरकार ने कैंसर के उपचार में काम आने वाली 110 नॉन-शेड्यूल्ड दवाओं की कीमतों में पारदर्शिता लाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब इन दवाओं के ट्रेड मार्जिन को एमआरपी (MRP) के 30% पर कैप कर दिया गया है। यह नियम ब्रांडेड और जेनेरिक, दोनों तरह की दवाओं पर लागू होगा।

क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?

नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) की जांच में खुलासा हुआ था कि कैंसर की दवाओं पर ट्रेड मार्जिन अक्सर 170% के आसपास रहता है, और कुछ मामलों में तो यह 700% तक पहुंच जाता था। इस अत्यधिक मुनाफे पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है। अगले 10 दिनों के भीतर दवाओं की अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी।

क्या फार्मा कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ेगा?

यह रेगुलेशन मुख्य रूप से डिस्ट्रीब्यूटर्स और रिटेलर्स के मुनाफे (Trade Margins) पर केंद्रित है, न कि मैन्युफैक्चरर्स की रेवेन्यू पर। हालांकि, हॉस्पिटल चेन और फार्मेसी नेटवर्क, जो अपनी कमाई के लिए ऊंचे मार्जिन पर निर्भर हैं, उन्हें अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव करना पड़ सकता है।

आगे की चुनौतियां

सरकार ने इसे लागू करने के लिए सिर्फ 10 दिन का विंडो दिया है, जो सप्लाई चेन से जुड़े डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए एक ऑपरेशनल चुनौती हो सकती है। निवेशकों को यह ट्रैक करना होगा कि क्या इससे दवाओं की उपलब्धता पर कोई असर पड़ता है या नहीं। यह कदम सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणियों और 2019 के उस सफल पायलट प्रोजेक्ट के बाद उठाया गया है, जिसने पहले ही मरीजों को ₹1,000 करोड़ की राहत पहुंचाई थी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.