Glenmark Pharmaceuticals के लिए FY26 की तीसरी तिमाही मिले-जुले नतीजे लेकर आई। जहां एक ओर डोमेस्टिक (Domestic) बाजार, यानी भारत से कंपनी का रेवेन्यू 15.1% की शानदार ग्रोथ के साथ ₹3,900.6 करोड़ तक पहुंच गया, वहीं दूसरी तरफ ग्रॉस मार्जिन (Gross Margin) में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 259 बेसिस पॉइंट की भारी गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट प्रोडक्ट मिक्स (Product Mix) या प्राइसिंग (Pricing) में आई दिक्कतों की ओर इशारा करती है। हालांकि, कंपनी ने खर्चों पर लगाम लगाकर EBITDA मार्जिन को 17.7% से बढ़ाकर 22.3% करने में सफलता हासिल की है।
अमेरिका का बाजार, जो किसी भी फार्मा कंपनी के लिए अहम होता है, Glenmark के लिए फिलहाल उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर रहा है। कंपनी को वहां ग्रोथ वापस लाने के लिए खास रणनीति बनानी होगी। अच्छी खबर यह है कि उत्तरी कैरोलिना स्थित Monroe फैसिलिटी में कमर्शियल मैन्युफैक्चरिंग (Commercial Manufacturing) फिर से शुरू होने वाली है। US FDA से VAI स्टेटस मिलने के बाद, यह प्लांट अगले साल से प्रोडक्शन शुरू कर देगा। कंपनी की योजना जेनेरिक Flovent और नेजल स्प्रे (Nasal Spray) जैसे प्रोडक्ट्स लॉन्च करने की है, जो मांग वाले थेराप्यूटिक एरिया (Therapeutic Area) में कंपनी के पोर्टफोलियो को मजबूत करेंगे। हालांकि, इन लॉन्च का मार्जिन और रेवेन्यू पर असल असर देखना बाकी है।
Glenmark को AbbVie के साथ हुए एक डील से अच्छी खासी वित्तीय राहत मिली है। इस डील से मिले पैसों का इस्तेमाल कंपनी अपने ₹6 अरब के मामूली ग्रॉस डेट (Gross Debt) को चुकाने और अगले तीन साल के लिए $70 मिलियन प्रति वर्ष के हिसाब से R&D पर खर्च करने के लिए करेगी। कंपनी का लक्ष्य मार्च 2026 तक जीरो ग्रॉस डेट हासिल करना है, जिसके लिए ₹700-800 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) की योजना है। यह कर्ज घटाने और R&D में निवेश करने की रणनीति कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत करेगी।
Early February 2026 तक, Glenmark Pharmaceuticals का मार्केट कैप (Market Cap) करीब $5.92 बिलियन या ₹55,194 करोड़ है। कंपनी का ट्रेलिंग ट्वेल्व मंथ (TTM) P/E रेश्यो (P/E Ratio) लगभग 47.5 से 51.82 के बीच चल रहा है। यह वैल्यूएशन (Valuation) कई बड़ी और स्थापित भारतीय फार्मा कंपनियों की तुलना में काफी महंगा लगता है। उदाहरण के लिए, Sun Pharmaceutical Industries का P/E 31.85, Dr. Reddy's Laboratories का 18.35, और Cipla का 22.35 के आसपास है। Glenmark का यह बढ़ा हुआ वैल्यूएशन, खासकर मार्जिन की दिक्कतें और अहम बाजारों में ग्रोथ की अनिश्चितताओं को देखते हुए, ICICI Securities के 'SELL' रेटिंग और ₹1,640 के टारगेट प्राइस का मुख्य कारण है।
कुल मिलाकर, भारतीय फार्मा सेक्टर (Pharma Sector) इस समय मिले-जुले संकेतों का सामना कर रहा है। डोमेस्टिक डिमांड और यूरोप एक्सपोर्ट से ग्रोथ की उम्मीद है, लेकिन US मार्केट में प्राइस इरोज़न (Price Erosion) और रेगुलेटरी चुनौतियां बनी हुई हैं। Glenmark का शेयर पिछले एक साल में अपने साथियों से बेहतर प्रदर्शन करने में कामयाब रहा है, लेकिन लगातार मार्जिन पर दबाव और US मार्केट में वापसी की राह में आने वाली बाधाएं कंपनी के लिए बड़ी चुनौती पेश करती हैं। ICICI Securities की 'SELL' रेटिंग इसी सतर्क रुख को दर्शाती है, जो कंपनी की कमाई की स्थिरता और US बिजनेस की रिकवरी को लेकर थोड़ी अनिश्चितता की ओर इशारा करती है।
