शेयरहोल्डर्स से मांगी गई मंजूरी
GSK Pharma ने अपने शेयरधारकों को एक पोस्टल बैलेट नोटिस जारी किया है, जिसमें श्री रोनोजित बिस्वास को पूरे समय के लिए डायरेक्टर और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त करने के प्रस्ताव पर वोट करने के लिए कहा गया है। यह महत्वपूर्ण नियुक्ति 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगी, और श्री बिस्वास तीन साल के कार्यकाल के लिए, यानी 31 मार्च, 2029 तक इस पद पर बने रहेंगे।
शेयरधारकों को उनकी नियुक्ति और रेमनरेशन (वेतन पैकेज) से जुड़े ऑर्डिनरी रेजोल्यूशंस पर पोस्टल बैलेट के माध्यम से वोट करना होगा। यह वोटिंग 9 मार्च, 2026 से शुरू होकर 8 अप्रैल, 2026 तक चलेगी, और नतीजों की घोषणा 10 अप्रैल, 2026 तक होने की उम्मीद है।
प्रस्तावित वेतन पैकेज
प्रस्तावित रेमनरेशन पैकेज में ₹16,00,000 प्रति माह की अधिकतम बेसिक सैलरी शामिल है, जो सालाना ₹1.92 करोड़ होती है। इसके अलावा, 100% तक के परफॉर्मेंस बोनस और ₹20,00,000 का एक साइन-ऑन बोनस भी प्रस्तावित किया गया है।
क्यों है यह नियुक्ति अहम?
किसी भी कंपनी के लिए चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) का पद उसकी वित्तीय रणनीति को दिशा देने, मजबूत गवर्नेंस सुनिश्चित करने और निवेशकों के साथ संबंध बनाने के लिए बेहद अहम होता है। GSK ग्रुप के भीतर श्री बिस्वास का लंबा और विविध अनुभव GSK Pharma India के लिए एक अनुभवी वित्तीय नेतृत्व प्रदान करने पर कंपनी के फोकस को दर्शाता है।
रोनोजित बिस्वास का अनुभव
श्री रोनोजित बिस्वास 25 साल से अधिक के अनुभव वाले एक अनुभवी फाइनेंस एग्जीक्यूटिव हैं। उन्होंने 1999 में भारत में GSK के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। उनका अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी काफी व्यापक है, जिसमें भारत, वियतनाम, सिंगापुर, ब्राजील और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में सीनियर फाइनेंस रोल शामिल हैं। उन्होंने ग्लोबल प्रोडक्ट स्ट्रेटेजी के लिए सीनियर फाइनेंस डायरेक्टर और GSK के ब्राजील और वियतनाम व्यवसायों के CFO जैसे पदों पर भी काम किया है।
यह नियुक्ति मौजूदा CFO जुबी चैंडी के 11 मार्च, 2026 को पद छोड़ने के बाद हो रही है। जुबी चैंडी अब GSK ग्रुप के एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के फाइनेंस फंक्शन का नेतृत्व करेंगी, जो कंपनी की एक सुनियोजित सक्सेशन प्लान का संकेत देता है।
जोखिम और ध्यान देने योग्य बातें
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि ₹20 लाख का साइन-ऑन बोनस रिकवर किया जा सकता है, अगर श्री बिस्वास जॉइनिंग के एक साल के भीतर कंपनी छोड़ देते हैं। इसके अतिरिक्त, यदि कंपनी के पास उनके कार्यकाल के दौरान कोई लाभ नहीं होता है या अपर्याप्त लाभ होता है, तो भुगतान कंपनी अधिनियम, 2013 के अनुसार समायोजित किया जाएगा।
इंडस्ट्री से तुलना
भारतीय फार्मास्युटिकल और हेल्थकेयर सेक्टर में CFO का औसत वेतन ₹75 लाख से ₹1.8 करोड़ सालाना के बीच होता है। भारत में CFO का औसत वेतन कंपनी के आकार और इंडस्ट्री के आधार पर ₹1 करोड़ से ₹3 करोड़ प्रति वर्ष तक भिन्न हो सकता है। GSK Pharma का प्रस्तावित बेसिक सैलरी पैकेज ₹1.92 करोड़ सालाना, बोनस के साथ, भारत की बड़ी और स्थापित फार्मा कंपनियों के लिए इंडस्ट्री बेंचमार्क के ऊपरी छोर पर है।
