नतीजों और डिविडेंड पर खास नजर
GSK Pharmaceuticals Ltd. ने अपने शेयरधारकों को खुश करने के लिए 29 मई, 2026 को रिकॉर्ड डेट तय करते हुए ₹57 प्रति शेयर का डिविडेंड देने की घोषणा की है। चौथी तिमाही के नतीजों की बात करें तो कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 5.7% बढ़कर ₹278 करोड़ रहा। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 2.1% बढ़कर ₹995.3 करोड़ दर्ज किया गया। EBITDA में 5.3% की बढ़ोतरी देखी गई और यह ₹351 करोड़ रहा, जबकि EBITDA मार्जिन मामूली सुधरकर 35.3% हो गया। ये आंकड़े कंपनी के स्थिर कामकाज को दर्शाते हैं, हालांकि ग्रोथ की रफ्तार धीमी बनी हुई है।
धीमी ग्रोथ और कैपिटल रिटर्न पर चिंता
GSK Pharmaceuticals Ltd. (इंडिया) की मार्केट कैप करीब ₹41,663 करोड़ है और इसका P/E रेश्यो 41.4 है। इसकी वैल्यूएशन कुछ हद तक Sun Pharmaceutical Industries Ltd (करीब 39-40x P/E) के बराबर है। लेकिन, यह Divi's Laboratories (जो 70x P/E से ऊपर ट्रेड करता है) जैसे स्पेशलिस्ट से थोड़ा पीछे है।
वहीं, भारतीय फार्मा सेक्टर में तेजी की उम्मीद है, जिसके 2026 से 2033 तक 8.1% की CAGR से बढ़ने का अनुमान है। FY2026 के लिए, भारतीय फार्मा कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ 7-9% रहने की उम्मीद है, जो डोमेस्टिक डिमांड और यूरोप से आएगी। इसके विपरीत, GSK Pharmaceuticals Ltd. की Q4 FY26 में 2.1% की रेवेन्यू ग्रोथ सेक्टर के औसत से काफी कम है।
खास बात यह है कि ग्लोबल GSK plc का P/E रेश्यो काफी कम, लगभग 13-13.2x है, जिसका डिविडेंड यील्ड 3.5-3.8% और पेआउट रेश्यो लगभग 46-48% है। भारतीय सब्सिडियरी और पेरेंट कंपनी की वैल्यूएशन और कैपिटल रिटर्न स्ट्रैटेजी में यह बड़ा अंतर चिंता का विषय है।
डिविडेंड की सस्टेनेबिलिटी पर सवाल?
GSK Pharmaceuticals Ltd. के डिविडेंड ऐलान को लेकर कुछ चिंताएं भी हैं। पिछले पांच सालों में कंपनी की सेल्स ग्रोथ सिर्फ 3.06% रही है। यह धीमी टॉप-लाइन ग्रोथ और 93.1% का हाई डिविडेंड पेआउट रेश्यो बताता है कि कमाई का बड़ा हिस्सा शेयरधारकों को बांटा जा रहा है। इससे ग्रोथ में री-इन्वेस्टमेंट या कर्ज घटाने के लिए फंड कम पड़ सकता है। ग्लोबल GSK plc जहां 48% का कंजरवेटिव पेआउट रेश्यो रखता है, वहीं भारतीय इकाई का हाई रेश्यो, कमाई में गिरावट या ग्रोथ की रफ्तार न बढ़ने की स्थिति में सस्टेनेबिलिटी पर सवाल खड़े करता है।
विश्लेषकों की राय भी बंटी हुई है। Motilal Oswal Financial Services ने 'NEUTRAL' रेटिंग के साथ ₹1340 का टारगेट दिया है, जो मौजूदा ट्रेडिंग लेवल से कम है। वहीं, ICICI Securities ने 'ADD' रेटिंग और ₹2250 का टारगेट सेट किया है। इससे पता चलता है कि मार्केट भविष्य की मजबूत परफॉरमेंस को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं है।
आगे का रास्ता
कुल मिलाकर, भारतीय फार्मा सेक्टर का आउटलुक पॉजिटिव है, जो डोमेस्टिक डिमांड, बढ़ती उम्र की आबादी और बेहतर हेल्थकेयर एक्सेस से प्रेरित है। हालांकि, ग्लोबल रेगुलेटरी जांच और सप्लाई चेन जैसी चुनौतियां बनी रहेंगी। GSK Pharmaceuticals Ltd. के लिए, भविष्य की परफॉरमेंस उसकी सेल्स ग्रोथ को बढ़ाने और डिविडेंड पॉलिसी को स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट के साथ बैलेंस करने की क्षमता पर निर्भर करेगी।
