नतीजों का पूरा लेखा-जोखा
GSK Pharma ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तिमाही के लिए शानदार वित्तीय प्रदर्शन पेश किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के ₹229.8 करोड़ की तुलना में 28.6% बढ़कर ₹295.6 करोड़ पर पहुँच गया। कंपनी का रेवेन्यू भी 9.7% बढ़कर ₹1,041 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹949.4 करोड़ था।
EBITDA और मार्जिन में दमदार बढ़त
इस तिमाही में कंपनी के EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) में 27.2% की जोरदार बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹371.1 करोड़ पर पहुँच गया (पिछले साल ₹291.8 करोड़)। सबसे खास बात यह है कि कंपनी की ऑपरेटिंग एफिशिएंसी में भी सुधार हुआ है। ऑपरेटिंग मार्जिन बढ़कर 35.6% हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 30.7% था।
नौ महीनों का प्रदर्शन
अगर हम 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुए नौ महीनों की बात करें, तो GSK Pharma की कुल आय ₹2,935.78 करोड़ रही, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹2,880.09 करोड़ से मामूली रूप से अधिक है। कंपनी ने खर्चों को भी बखूबी संभाला, जो कि ₹1,923.49 करोड़ से घटकर ₹1,983.47 करोड़ हो गए। इसके चलते, प्रॉफिट बिफोर टैक्स (Profit Before Tax) में ₹1,032.91 करोड़ से ₹901.31 करोड़ का उल्लेखनीय इजाफा हुआ। नौ महीनों का नेट प्रॉफिट ₹758.12 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹664.71 करोड़ से काफी ज्यादा है।
लेबर कोड्स का असर
कंपनी ने बताया कि 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तिमाही और नौ महीनों के लिए एम्प्लॉई बेनिफिट्स एक्सपेंस (Employee Benefits Expense) में ₹11.82 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है। इसका मुख्य कारण भारत सरकार द्वारा 21 नवंबर, 2025 को अधिसूचित किए गए चार लेबर कोड्स (Labour Codes) हैं, जिसके कारण वेजेज (wages) की परिभाषा में बदलाव आया है। GSK Pharma सेंट्रल और स्टेट रूल्स (Rules) और संबंधित स्पष्टीकरणों की प्रतीक्षा कर रही है ताकि आगे के अकाउंटिंग एडजस्टमेंट्स (accounting adjustments) किए जा सकें।
बाजार की प्रतिक्रिया
इन शानदार नतीजों के बीच, 9 फरवरी को GlaxoSmithKline Pharmaceuticals Ltd. के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ₹2,515 पर बंद हुए। शेयर में ₹31 यानी 1.25% की तेजी देखी गई, जो नतीजों के प्रति बाजार के सकारात्मक रुख को दर्शाता है।