Fosun Pharma ने Gland Pharma में अपनी **5%** हिस्सेदारी ब्लॉक डील के जरिए बेच दी है। इस सौदे की कुल वैल्यू **₹2,279.5 करोड़** रही। दिलचस्प बात यह है कि इस बिक्री के साथ ही प्रमोटर ने अगले **1 साल** के लिए और शेयर न बेचने का लॉक-अप (Lock-up) पीरियड भी रखा है।
प्रमोटर होल्डिंग में बड़ा बदलाव
जून 2026 की तिमाही तक Fosun Pharma Industrial के पास कंपनी में 51.77% हिस्सेदारी थी। इस ट्रांजैक्शन के बाद अब प्रमोटर की हिस्सेदारी घटकर लगभग 46.7% रह जाएगी। बाजार में किसी भी तरह की पैनिक सेलिंग को रोकने के लिए डील में 12 महीने का लॉक-अप क्लॉज रखा गया है, जिसका मतलब है कि अगले एक साल तक प्रमोटर और शेयर नहीं बेच पाएंगे।
शानदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
यह बिकवाली ऐसे समय में हो रही है जब कंपनी का ऑपरेशनल प्रदर्शन काफी दमदार है। हाल ही में Gland Pharma ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में 47% की सालाना बढ़त के साथ ₹317 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। निवेशकों के बीच स्टॉक का क्रेज इसी से समझा जा सकता है कि साल 2026 में अब तक यह शेयर करीब 70% की छलांग लगा चुका है।
USFDA का मिला क्लीन चिट
फाइनेंशियल ग्रोथ के अलावा, कंपनी के लिए एक बड़ी राहत की खबर इसके विशाखापत्तनम (Visakhapatnam) प्लांट से आई है। कंपनी की 'स्टेराइल ऑन्कोलॉजी' और 'API' मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का USFDA इंस्पेक्शन हुआ, जिसे बिना किसी ऑब्जर्वेशन (Zero Observations) के पास कर लिया गया। फार्मा कंपनियों के लिए इस तरह की क्लीन चिट ग्लोबल लेवल पर उनका भरोसा बढ़ाती है।
आगे क्या है जोखिम?
भले ही कंपनी के नतीजे और रेगुलेटरी ट्रैक रिकॉर्ड मजबूत हैं, लेकिन निवेशक प्रमोटर की बिकवाली को ध्यान से देख रहे हैं। फार्मा सेक्टर, खासकर 'कॉम्प्लेक्स इंजेक्टेबल्स' बनाने वाली कंपनियों के सामने अमेरिका में प्राइसिंग का दबाव और सख्त रेगुलेटरी मानकों का पालन करने जैसी चुनौतियां हमेशा बनी रहती हैं। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में अपने मुनाफे के मार्जिन को कैसे बरकरार रखती है।
