IHH Healthcare के हाथ आने के बाद Fortis Healthcare (FORH) में बड़ा बदलाव आया है। कंपनी अब एक प्रोफेशनल मैनेजमेंट वाली हॉस्पिटल प्लेटफॉर्म के तौर पर काम कर रही है, और इसके ऑपरेशनल परफॉरमेंस में गजब का सुधार देखने को मिला है। FY19 से IHH के प्रमोटर बनने के बाद से कंपनी ने गवर्नेंस को मजबूत करने, बैलेंस शीट के मुद्दों को सुलझाने और नॉन-कोर एसेट्स को बेचने पर ध्यान केंद्रित किया है। इन सब कदमों के चलते वित्तीय नतीजों में भारी उछाल की उम्मीद है। अनुमान है कि FY26E तक कंपनी की सेल्स ₹9,000 करोड़, EBITDA ₹2,050 करोड़ और नेट प्रॉफिट (PAT) ₹1,080 करोड़ तक पहुंच सकती है। यह FY18 के नतीजों के मुकाबले एक बड़ी रिकवरी है।
ऑपरेशनल टर्नअराउंड के बावजूद, Fortis Healthcare का वैल्यूएशन एक अहम चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल, कंपनी का P/E रेश्यो 61.8x से 72.89x (TTM बेसिस पर) के बीच चल रहा है, और अगले फाइनेंशियल ईयर के लिए यह करीब 51x हो सकता है। एनालिस्ट्स ने इसके हॉस्पिटल बिजनेस का वैल्यू 30x (12-महीने फॉरवर्ड EV/EBITDA) और डायग्नोस्टिक्स आर्म का वैल्यू 23x पर आंका है, जो इंडस्ट्री के दूसरे बड़े प्लेयर्स के बराबर है। Apollo Hospitals Enterprise और Max Healthcare Institute जैसे कंपटीटर्स भी प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहे हैं, जिनके P/E रेश्यो क्रमशः 61.39x-72.41x और 67.0x-69.05x हैं। Max Healthcare का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो 32.6% है, जबकि Apollo Hospitals का मार्केट कैप करीब ₹1.11 ट्रिलियन है। Fortis Healthcare का अपना मार्केट कैप फिलहाल लगभग $7.01 बिलियन USD यानी ₹69,966 करोड़ है। भारत में हेल्थकेयर सेक्टर में बढ़ता खर्च और 'आयुष्मान भारत' जैसी सरकारी पहलों से भी इन हाई वैल्यूएशन्स को सपोर्ट मिल रहा है। हालांकि, 23 अप्रैल 2026 तक पिछले छह महीनों में Fortis के शेयर में 11.4% की गिरावट आई है, जबकि पिछले एक साल में यह 38.65% बढ़ा है।
Fortis Healthcare का सफर गवर्नेंस से जुड़ी बड़ी चुनौतियों से भरा रहा है। FY18 में कंपनी ने ₹4,500 करोड़ की सेल्स, ₹200 करोड़ का EBITDA और ₹150 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया था। IHH के अधिग्रहण से पहले का दौर बैलेंस शीट की दिक्कतों और गवर्नेंस प्रॉब्लम्स से ग्रस्त था, जिसमें प्रमोटर-नियंत्रित संस्थाओं के साथ संदिग्ध 'रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन्स' की जांच भी शामिल थी। SEBI और SFIO जैसी रेगुलेटरी बॉडीज़ ने इन गतिविधियों की जांच की, जिसमें कॉर्पोरेट डिपॉजिट्स का इस्तेमाल भी शामिल था। इन गवर्नेंस फेल्योर और जांचों के कारण ऑडिटर ने वित्तीय नतीजों पर कई सवाल उठाए थे, जिसने निवेशकों के भरोसे और स्टॉक परफॉरमेंस को काफी प्रभावित किया था। भले ही IHH Healthcare ने मैनेजमेंट को प्रोफेशनल बनाया है और गवर्नेंस को सुधारा है, लेकिन पिछली घटनाओं की छाया और बढ़ी हुई स्क्रूटनी निवेशकों के कॉन्फिडेंस को प्रभावित कर सकती है।
एनालिस्ट्स ने Fortis Healthcare पर 'Buy' रेटिंग और ₹1,100 का टारगेट प्राइस दिया है, जो कंपनी के ऑपरेशनल टर्नअराउंड और विस्तार की स्ट्रैटेजी पर भरोसे को दिखाता है। ब्रोकरेज फर्म्स की आम राय 'Buy' की ओर झुकी हुई है, जिनका औसत 12-महीने का टारगेट प्राइस करीब ₹1,044 है, जो एक मामूली अपसाइड पोटेंशियल का संकेत देता है। हालांकि, कुछ एनालिस्ट्स सावधानी भी बरत रहे हैं; MarketsMojo ने 22 अप्रैल 2026 तक स्टॉक को 'Sell' रेटिंग दी है, जिसका कारण 'महंगा' वैल्यूएशन बताया गया है। कंपनी के ग्रोथ प्लान्स का सफल एग्जीक्यूशन और रिटर्न रेश्यो में लगातार सुधार Fortis के लिए मौजूदा वैल्यूएशन को सही ठहराने के लिए बेहद जरूरी होगा। आगे चलकर, 27-28 अप्रैल 2026 को मुंबई में होने वाले इन्वेस्टर रोडशो और मई 2026 के अंत तक आने वाली Q4 FY26 की अर्निंग्स रिपोर्ट कंपनी के परफॉरमेंस पर और रोशनी डालेगी।
