Fortis Healthcare ने पहली तिमाही (Q1 FY27) में **17.5%** का शानदार रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज किया है, जो ₹2,545 करोड़ रहा। हालांकि, नए ESOPs की लागत और हॉस्पिटल क्षमता के विस्तार के चलते कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव देखने को मिला है।
ESOPs और नए हॉस्पिटल से मार्जिन पर असर
Fortis Healthcare के नतीजों में रेवेन्यू तो बढ़ा है, लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) थोड़ी कमजोर हुई है। कंपनी के कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन इस तिमाही में घटकर 21.1% रह गए हैं।
इस गिरावट की मुख्य वजहें दो हैं - एक तो नए Employee Stock Option Plan (ESOP) की लागत और दूसरा हॉस्पिटल की क्षमता बढ़ाने का खर्च। ESOP की वजह से कंपनी पर तिमाही में ₹31 करोड़ से ₹50 करोड़ तक का अतिरिक्त बोझ पड़ा है। साथ ही, कंपनी ने इस तिमाही में 100 नए हॉस्पिटल बेड्स जोड़े हैं और आगे भी विस्तार जारी रखेगी।
नए शुरू हुए हॉस्पिटल्स में शुरुआत में कमाई की तुलना में खर्च ज्यादा होता है। जैसे-जैसे इन हॉस्पिटल्स में मरीजों की संख्या बढ़ेगी और कामकाज सुधरेगा, मार्जिन में सुधार होगा। कंपनी FY27 के बाकी समय में 400 और बेड्स चालू करने की योजना बना रही है, जिससे नियर-टर्म में मार्जिन पर कुछ दबाव बना रह सकता है।
कर्ज़ और विस्तार की रणनीति
लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के लिए कंपनी अपने विस्तार पर खर्च कर रही है, जिसके चलते नेट डेट (Net Debt) बढ़कर ₹2,233 करोड़ हो गया है। Net Debt-to-EBITDA रेशियो 1.01x हो गया है। यह निवेश FY27 से FY30 के बीच करीब 1,800 बेड्स जोड़ने की योजना का हिस्सा है।
मार्जिन रिकवरी का रास्ता
कंपनी के मैनेजमेंट का भरोसा है कि FY28 तक EBITDA मार्जिन को 25% तक ले जाया जाएगा। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि नए हॉस्पिटल्स के धीरे-धीरे पूरी क्षमता से चलने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) बढ़ने से प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार होगा।
निवेशकों के लिए यह देखना अहम होगा कि नए हॉस्पिटल्स कितनी जल्दी अपनी पूरी क्षमता पर काम करना शुरू करते हैं। कंपनी के खर्च, कर्ज और मार्जिन में सुधार की रफ्तार पर नजर रखने से तस्वीर साफ होगी।
