EBITDA में उछाल, पर प्रॉफिट पर दबाव!
Fortis Healthcare ने अपने तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) में साल-दर-साल (YoY) 35% का तगड़ा इजाफा देखने को मिला है, जो ₹506 करोड़ तक पहुंच गया है। कंपनी के हॉस्पिटल्स बिजनेस से मिली मजबूत परफॉरमेंस ने इस उछाल को गति दी है। वहीं, कुल रेवेन्यू में भी 17.5% की बढ़ोतरी हुई है, जो ₹2,265 करोड़ रहा।
अधिग्रहणों ने बढ़ाया कर्ज, घटा नेट प्रॉफिट
हालांकि, परिचालन आय में इस मजबूती के बावजूद, नेट प्रॉफिट में 22% की गिरावट दर्ज की गई है, जो ₹197 करोड़ रहा। इस गिरावट की मुख्य वजह कंपनी पर बढ़ता कर्ज है। हाल ही में किए गए Shrimann Superspecialty Hospital और People Tree Hospitals जैसे अधिग्रहणों में भारी निवेश के कारण कंपनी का नेट कर्ज बढ़कर ₹2,547 करोड़ हो गया है। इसके चलते, नेट डेट-टू-EBITDA रेश्यो भी पिछले साल के 0.41x से बढ़कर 1.24x हो गया है।
विस्तार की रणनीति और वैल्यूएशन
Fortis Healthcare अपनी विस्तारवादी रणनीति पर लगातार काम कर रही है। जलंधर में 228 बेड वाले Shrimann Superspecialty Hospital का ₹462 करोड़ में अधिग्रहण और बेंगलुरु में 125 बेड वाले People Tree Hospital का ₹430 करोड़ में अधिग्रहण इसी का हिस्सा है। इसके अलावा, Gleneagles Healthcare India के साथ O&M (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) एग्रीमेंट के तहत पांच हॉस्पिटल्स और एक क्लिनिक का प्रबंधन भी संभाला जाएगा। इन सभी बड़े निवेशों के चलते कंपनी पर कर्ज का बोझ बढ़ा है।
एनालिस्ट्स की राय और आगे की राह
मौजूदा वैल्यूएशन की बात करें तो ₹915-925 के भाव पर Fortis Healthcare का P/E रेश्यो लगभग 71-72x है, जो इंडस्ट्री के कुछ प्रमुख खिलाड़ियों से थोड़ा अधिक है। हालांकि, 17 एनालिस्ट्स का इस पर 'Buy' रेटिंग के साथ औसतन ₹1,070.88 का टारगेट प्राइस है, जो लगभग 17% की अपसाइड की ओर इशारा करता है। विश्लेषकों का मानना है कि अगले कुछ फाइनेंशियल इयर्स (FY26 से FY28) में EBITDA में 20% CAGR की उम्मीद है। भारतीय हेल्थकेयर सेक्टर की ग्रोथ भी मजबूत रहने का अनुमान है, जो कंपनी के लिए एक बड़ा पॉजिटिव फैक्टर है।