Fittr के 30 लाख यूजर्स पार, FY25 में ₹11 करोड़ का मुनाफ़ा!

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AuthorMehul Desai|Published at:
Fittr के 30 लाख यूजर्स पार, FY25 में ₹11 करोड़ का मुनाफ़ा!

पुणे की हेल्थ टेक कंपनी Fittr ने 30 लाख यूजर्स का आंकड़ा पार कर लिया है। फाइनेंशियल ईयर 25 में कंपनी ने ₹128 करोड़ के रेवेन्यू पर **₹11 करोड़** का मुनाफ़ा कमाया है। तीन साल के घाटे के बाद यह कंपनी के लिए एक बड़ी फाइनेंशियल टर्नअराउंड है, जिसका श्रेय इसके हॉलिस्टिक हेल्थ और कोचिंग इकोसिस्टम की ओर बढ़े कदम को जाता है।

3 साल के घाटे के बाद Fittr कैसे मुनाफे में आई?

पुणे की प्रिवेंटिव हेल्थकेयर और फिटनेस प्लेटफॉर्म, Squats Fitness Private Limited (ब्रांड नाम Fittr) ने 30 लाख यूजर्स का मील का पत्थर पार कर लिया है। कंपनी कोचिंग, न्यूट्रिशन गाइडेंस और डायग्नोस्टिक सेवाएं देती है। अब इसने लाइफस्टाइल से जुड़ी नॉन-कम्युनिकेबल बीमारियों से निपटने के लिए अपने मॉडल को एक बड़े प्रिवेंटिव हेल्थकेयर इकोसिस्टम की ओर मोड़ा है।

फाइनेंशियल टर्नअराउंड की कहानी

FY22, FY23 और FY24 में घाटा झेलने के बाद, Fittr ने फाइनेंशियल ईयर 2025 में लाभ दर्ज किया है। कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, इसने ₹128 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹11 करोड़ का प्री-टैक्स प्रॉफिट कमाया है। यह टर्नअराउंड कंपनी के ऑपरेशंस के स्ट्रैटेजिक रीस्ट्रक्चरिंग के बाद आया है, जिसे Rainmatter Capital और Dream Capital जैसे इन्वेस्टर्स से मिले कैपिटल सपोर्ट का भी साथ मिला है।

फिटनेस से आगे का सफर

Founded by Jitendra Chouksey, Fittr प्लेटफॉर्म शुरुआत में फिटनेस और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग की सलाह पर केंद्रित था। हालांकि, समय के साथ कंपनी ने सर्टिफाइड कोचिंग, डायग्नोस्टिक टेस्टिंग और वियरेबल टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन को भी अपने दायरे में शामिल कर लिया है। कंपनी ने अब तक कुल लगभग $17 मिलियन की इक्विटी फंडिंग जुटाई है, जिसमें Peak XV और Elysian Park Ventures जैसे बड़े इन्वेस्टर्स की भागीदारी रही है। एक प्राइवेट कंपनी होने के नाते, Fittr NSE या BSE पर लिस्टेड नहीं है, जिसका मतलब है कि इसके शेयर रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए पब्लिक मार्केट में उपलब्ध नहीं हैं।

कॉम्पिटिशन और भविष्य की चुनौतियां

प्रॉफिट में वापसी के बावजूद, Fittr हेल्थ और वेलनेस टेक्नोलॉजी के बेहद कॉम्पिटिटिव सेक्टर में काम करती है। इस इंडस्ट्री में एंट्री बैरियर्स कम हैं, जिससे यूजर एक्विजिशन और रिटेंशन के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा रहती है। Fittr की ग्रोथ और फाइनेंशियल स्टेबिलिटी इस प्रतिस्पर्धा के बीच यूजर एंगेजमेंट बनाए रखने की क्षमता पर निर्भर करेगी।

इसके अलावा, कंपनी विवेकाधीन उपभोक्ता खर्च पर भी निर्भर करती है। पर्सनलाइज्ड कोचिंग और डायग्नोस्टिक पैकेज जैसी हेल्थ और वेलनेस सेवाएं अक्सर मैक्रोइकॉनॉमिक कंडिशन्स के आधार पर डिमांड में उतार-चढ़ाव का सामना करती हैं। पिछले सालों के फाइनेंशियल डेटा बताते हैं कि आक्रामक मार्केटिंग और हैवी डिस्काउंटिंग ने कैश बर्न को बढ़ाया, जिससे पहले घाटा हुआ। कंपनी का फोकस सस्टेनेबल ग्रोथ पर रहेगा, और यह देखना होगा कि वह विभिन्न शहरी बाजारों में अपनी फिजिकल और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को स्केल करते हुए इन ऑपरेशनल कॉस्ट्स को कैसे मैनेज करती है। कंपनी के लिए अगली बड़ी चुनौती यह होगी कि वह पुराने हाई-बर्न मॉडल्स पर वापस लौटे बिना अपने प्रिवेंटिव हेल्थ सर्विसेज को स्केल करे और मार्जिन स्टेबिलिटी बनाए रखे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.