Eris Lifesciences ने Q2 FY27 में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **39.2%** बढ़कर **₹187 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसके पीछे डायबिटिक ब्रांड 'Sundae' की बड़ी भूमिका है। अब कंपनी **₹150 करोड़** के निवेश के साथ इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग की तैयारी कर रही है।
कंपनी के फाइनेंशियल नतीजों पर नजर डालें तो रेवेन्यू में भी 12.6% की बढ़त देखी गई है, जो ₹892 करोड़ रही। कंपनी के कुल रेवेन्यू का लगभग 38% हिस्सा सिर्फ डायबिटीज बिजनेस से आता है, जो इसके ग्रोथ इंजन की तरह काम कर रहा है।
बाजार में मजबूत पकड़
भारतीय बाजार में Semaglutide कैटेगरी में कंपनी का ब्रांड 'Sundae' तेजी से अपनी पैठ बना रहा है। दिलचस्प बात यह है कि कंपनी ने वजन घटाने (Weight loss) के बजाय डायबिटीज मैनेजमेंट पर अपना फोकस रखा है, जिसे डॉक्टर्स का काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।
इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग का प्लान
अभी तक कंपनी दवा के लिए Natco Pharma पर निर्भर थी, लेकिन अब तस्वीर बदलने वाली है। Eris अपनी बायोटेक यूनिट 'Levim Lifetech' में ₹150 करोड़ का निवेश कर रही है ताकि मार्जिन और सप्लाई चेन पर बेहतर नियंत्रण मिल सके। कंपनी की भोपाल फैसिलिटी अब 70 से 80 मिलियन कार्ट्रिज बनाने की क्षमता रखती है, जो बाहरी निर्भरता को कम करने में मदद करेगी।
निवेशकों के लिए रिस्क और फैक्टर्स
मॉडल बदलने की इस कोशिश में कुछ चुनौतियां भी हैं। निवेशकों को यह ट्रैक करना होगा कि क्या कंपनी बिना लागत बढ़ाए इस प्रोडक्शन को स्केल कर पाती है। इसके अलावा, बाजार में Novo Nordisk जैसे दिग्गजों से मिलने वाली प्रतिस्पर्धा और नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के रेगुलेटरी अप्रूवल पर भी निवेशकों की नजर होनी चाहिए।
