Eli Lilly का Mounjaro खतरे में! सस्ते जेनेरिक दवाओं का अटैक, बिक्री में आई भारी गिरावट

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Eli Lilly का Mounjaro खतरे में! सस्ते जेनेरिक दवाओं का अटैक, बिक्री में आई भारी गिरावट
Overview

भारत में Eli Lilly की ब्लॉकबस्टर दवा Mounjaro पर भारी दबाव आ गया है। नोवो नॉर्डिस्क (Novo Nordisk) की दवा सेमाग्लूटाइड (semaglutide) के सस्ते जेनेरिक वर्ज़न, जिनकी कीमतें **50%** से **80%** तक कम हैं, पेटेंट एक्सपायरी के बाद बाजार में आ गए हैं। इस वजह से Mounjaro की बिक्री में बड़ी गिरावट आई है, क्योंकि सेमाग्लूटाइड के जेनेरिक तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।

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पेटेंट एक्सपायरी ने खोला जेनेरिक की बाढ़ का द्वार

भारत में सेमाग्लूटाइड (semaglutide) का पेटेंट 20 मार्च को एक्सपायर होते ही घरेलू जेनेरिक वर्ज़न की बाढ़ आ गई है। स्थानीय दवा निर्माता अपनी दवाओं को आक्रामक तरीके से पेश कर रहे हैं, और उनकी कीमतें ओरिजिनल ब्रांड्स की तुलना में 50% से 80% तक कम कर दी गई हैं।

बिक्री के आंकड़े दिखा रहे बड़ा बदलाव

इंडस्ट्री ट्रैकर Pharmarack Technologies की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च महीने में Tirzepatide (Mounjaro) की बिक्री में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। यह घटकर ₹114 करोड़ रह गई, जो फरवरी के ₹135 करोड़ से लगभग 16% कम है। वहीं, दूसरी ओर सेमाग्लूटाइड की बिक्री मार्च में बढ़कर ₹59 करोड़ हो गई, जो पिछले महीने ₹48 करोड़ थी। इस सेगमेंट में GLP-1 एगोनिस्ट दवाओं की कुल बिक्री फरवरी के ₹191 करोड़ से घटकर मार्च में ₹180 करोड़ हो गई। Dulaglutide और Liraglutide जैसी मिलती-जुलती दवाओं की बिक्री स्थिर बनी हुई है।

घरेलू कंपनियां मार्केट शेयर पर नजर

लगभग 13 कंपनियों ने पहले ही सेमाग्लूटाइड के 26 जेनेरिक वर्ज़न लॉन्च कर दिए हैं, और और भी आने वाले हैं। मार्च में सेमाग्लूटाइड की बिक्री में Novo Nordisk सबसे आगे रही, जिसने Ozempic, Wegovy और Rybelsus से ₹45 करोड़ कमाए। हालांकि, घरेलू फर्म भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं: Torrent Pharma ने ₹4.7 करोड़, Dr. Reddy's Laboratories ने ₹1.9 करोड़, Zydus Lifesciences ने ₹1.4 करोड़, Lupin ने ₹1.4 करोड़, और Sun Pharma ने ₹0.90 करोड़ की बिक्री दर्ज की।

Sheetal Sapale, वाइस प्रेसिडेंट, कमर्शियल एट Pharmarack, ने इसे "एक क्लासिक 'गोल्ड रश फेज'" बताया है, उन्होंने कहा कि भले ही कई कंपनियां इसमें भाग ले रही हैं, लेकिन असली वैल्यू कुछ प्रमुख खिलाड़ियों तक ही सीमित रहेगी।

रेगुलेटरी निगरानी और भविष्य की राह

अधिकारियों ने सलाह दी है कि इन दवाओं को केवल योग्य मरीजों को ही लिखा जाना चाहिए, लेकिन इनके दुरुपयोग को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नियम बाजार को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन वे जेनेरिक लॉन्च की शुरुआती तेज वृद्धि को रोकने की संभावना नहीं रखते। अप्रैल 2026 तक 'एक्सपोनेंशियल ग्रोथ फेनोमेनन' देखने की उम्मीद है। Novo Nordisk जैसी इनोवेटर कंपनियां पार्टनरशिप के जरिए 'इनोवेटर-ड्रिवन एफिकेसी और बढ़ी हुई शेयर ऑफ वॉयस' पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं, और कीमतें आगे चलकर एक अहम फैक्टर बनी रहेंगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.