Dr. Reddy's Laboratories ने अपनी डायबिटीज और वेट मैनेजमेंट दवा Semaglutide की ग्लोबल सप्लाई दोबारा शुरू करने का फैसला लिया है। प्रोडक्शन से जुड़ी दिक्कतों को सुलझाने के बाद कंपनी अब 10 देशों में **60 से 70 लाख यूनिट** सप्लाई करने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिसमें कनाडा मुख्य फोकस में है।
प्रोडक्शन की बाधाएं दूर
Dr. Reddy's ने इस साल की शुरुआत में मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस को स्टेबल करने के लिए Semaglutide की मार्केटिंग को स्वेच्छा से रोक दिया था। अब कंपनी ने पुष्टि की है कि प्रोडक्शन से जुड़ी सभी बाधाएं दूर कर ली गई हैं और सप्लाई चेन को फिर से पटरी पर लाया जा रहा है।
कनाडा से बड़ी उम्मीदें
चालू फाइनेंशियल ईयर के बाकी बचे समय के लिए कंपनी ने 60 से 70 लाख यूनिट्स का प्रोडक्शन टारगेट सेट किया है। कनाडा को इस री-लॉन्च का मुख्य केंद्र बनाया गया है क्योंकि वहां अतिरिक्त रेगुलेटरी मंजूरी की जरूरत नहीं है, जिससे कंपनी तेजी से मरीजों तक अपनी दवा पहुंचा सकेगी।
फाइनेंशियल असर और आगे का रोडमैप
इससे पहले, मैन्युफैक्चरिंग में आई रुकावट के कारण कंपनी को जून तिमाही में ₹240 करोड़ का वन-टाइम प्रोविजन करना पड़ा था, जिसका असर उसके मुनाफे पर दिखा था। हालांकि, मैनेजमेंट ने साफ किया है कि अब इस मामले से जुड़ा कोई और वित्तीय बोझ प्रॉफिट एंड लॉस स्टेटमेंट पर नहीं पड़ेगा।
Semaglutide की बढ़ती ग्लोबल डिमांड को देखते हुए Dr. Reddy's इसे भविष्य के लिए एक बड़ा 'ग्रोथ ड्राइवर' मान रही है। चिली में एंट्री के बाद अब कंपनी अमेरिका और यूरोप के बाजारों में भी रेगुलेटरी रास्ते तलाश रही है, जहां जेनेरिक विकल्पों की भारी कमी है। अब निवेशकों की नजर कंपनी के सप्लाई टारगेट्स और मार्जिन को मेंटेन रखने की क्षमता पर टिकी है।
