Dr. Reddy's Laboratories अब अपने रेवेन्यू (Revenue) के दबाव को कम करने के लिए Semaglutide और Abatacept जैसे हाई-वैल्यू ड्रग्स पर फोकस कर रही है। इन प्रोडक्ट्स की ग्लोबल मार्केट में भारी डिमांड है, लेकिन कंपनी को अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में रेगुलेटरी (Regulatory) अड़चनों को दूर करना होगा।
घटते रेवेन्यू की भरपाई करेगी नई रणनीति
Dr. Reddy's Laboratories अपनी नॉर्थ अमेरिकन मार्केट में रेवेन्यू की धीमी ग्रोथ से निपटने के लिए अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव कर रही है। पिछले फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) में जेनेरिक (Generic) दवाओं, खासकर ऑन्कोलॉजी (Oncology) प्रोडक्ट्स और Revlimid के जेनेरिक वर्जन की बढ़ती कॉम्पिटिशन के चलते कंपनी की परफॉरमेंस (Performance) प्रभावित हुई थी। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए, कंपनी अब वेट-लॉस (Weight-loss) दवाओं और कॉम्प्लेक्स बायोसिमिलर (Biosimilar) जैसे हाई-ग्रोथ एरियाज पर फोकस कर रही है।
Semaglutide से कनाडा में ₹800 करोड़ का टारगेट
जेनेरिक Semaglutide कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी (Strategy) का अहम हिस्सा बन गया है। कनाडा में एंट्री के बाद, Dr. Reddy's ने इस फाइनेंशियल ईयर में कनाडा से लगभग $100 मिलियन (लगभग ₹800 करोड़) रेवेन्यू का लक्ष्य रखा है। इस बिजनेस को बढ़ाने के लिए कंपनी ने Sandoz और Aspen जैसे पार्टनर्स के साथ सप्लाई एग्रीमेंट (Supply Agreement) किए हैं। कंपनी फिल-फिनिश (Fill-finish) ऑपरेशंस में बैकवर्ड इंटीग्रेशन (Backward Integration) के जरिए अपने प्रॉफिट मार्जिन्स (Profit Margins) को बचाना चाहती है। कनाडा के अलावा, कंपनी ब्राजील में भी यह दवा लॉन्च करने की तैयारी में है और ग्लोबली 80 देशों में इसे पेश करने का प्लान है।
Abatacept से लंबी अवधि में बड़े मौके
कैटेगरी ईयर 2027 तक, कंपनी बायोसिमिलर Abatacept लॉन्च करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। यह दवा रूमेटाइड अर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis) और अन्य ऑटोइम्यून (Autoimmune) बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होती है। इसका ग्लोबल मार्केट साइज लगभग $3.6 बिलियन है। कॉम्प्लेक्स मैन्युफैक्चरिंग (Manufacturing) प्रोसेस के कारण, कंपनी को उम्मीद है कि लॉन्च के समय ज्यादा कॉम्पिटिशन नहीं होगा। एनालिस्ट्स (Analysts) का अनुमान है कि FY28 से यह प्रोडक्ट सालाना $100 मिलियन से ज्यादा का रेवेन्यू दे सकता है। हालांकि, यह सब क्लिनिकल (Clinical) और रेगुलेटरी (Regulatory) माइलस्टोन्स (Milestones) पर निर्भर करेगा।
रेगुलेटरी अड़चनें और एग्जीक्यूशन का रिस्क
बाजार ने इन पहलों का स्वागत किया है और पिछले एक महीने में स्टॉक में लगभग 8% की तेजी आई है। लेकिन, कंपनी के सामने बड़ी ऑपरेशनल (Operational) चुनौतियां हैं। हाल ही में, यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने हैदराबाद स्थित बायोसिमिलर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का इंस्पेक्शन (Inspection) किया, जिसमें कई ऑब्जर्वेशन्स (Observations) पाई गईं। इन फाइंडिंग्स (Findings) को हल करने की Dr. Reddy's की क्षमता अमेरिका में भविष्य के ड्रग लॉन्च के लिए महत्वपूर्ण है। अगर कंपनी जरूरी फैसिलिटी क्लीयरेंस (Clearance) हासिल करने में फेल होती है, तो Abatacept के प्लान्ड Q4 FY27 लॉन्च में देरी हो सकती है। इन्वेस्टर्स (Investors) को FDA के रेमेडिएशन (Remediation) प्रयासों पर अपडेट्स पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि किसी भी देरी से कंपनी के ग्रोथ टारगेट्स (Targets) और स्टॉक वैल्यूएशन (Valuation) पर असर पड़ सकता है।
