GLP-1 मार्केट में Dr. Reddy's का एंट्री
Dr. Reddy's Laboratories ने साफ कर दिया है कि वह Novo Nordisk के बेहद मुनाफे वाले glucagon-like peptide-1 (GLP-1) सेगमेंट में एक बड़ी हलचल मचाने वाली है। कंपनी ने Novo Nordisk की ब्लॉकबस्टर दवा Wegovy का जनरिक वर्शन लॉन्च करने की योजना बनाई है। Dr. Reddy's के को-चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर GV प्रसाद ने बताया कि इस जनरिक दवा की कीमत ओरिजिनल दवा से लगभग 60% कम हो सकती है। इस स्ट्रैटेजिक प्राइसिंग का मकसद तेजी से मार्केट शेयर हासिल करना और ज़्यादा से ज़्यादा मरीजों तक इस थेरेपी को पहुंचाना है। बता दें कि GLP-1 सेगमेंट से आने वाले कुछ सालों में 84.5 बिलियन डॉलर से ज़्यादा के रेवेन्यू की उम्मीद है, जिसमें Novo Nordisk और Eli Lilly जैसी कंपनियां सबसे आगे हैं। यह कदम ऐसे समय में आया है जब Dr. Reddy's को भारत के ड्रग रेगुलेटर से Novo Nordisk की एक और दवा Ozempic के जनरिक वर्शन के लिए भी अप्रूवल मिल चुका है, जो GLP-1 सेगमेंट में कंपनी की आक्रामक रणनीति को दिखाता है।
मार्केट की चाल और वैल्यूएशन पर असर
Dr. Reddy's की यह आक्रामक प्राइसिंग GLP-1 मार्केट में एंट्री कर रही है, जो पहले से ही ज़बरदस्त कॉम्पिटिशन और तेज़ी से ग्रोथ देख रहा है। ग्लोबल GLP-1 मार्केट के 2026 तक करीब 58 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जिसकी वजह मोटापा (obesity) और डायबिटीज के इलाज की बढ़ती मांग है। Novo Nordisk फिलहाल इस मार्केट का लीडर है, जिसका 55.1% वैल्यू शेयर है। हालांकि, Eli Lilly भी 2024 के मध्य से लगातार मार्केट शेयर बढ़ा रही है। Novo Nordisk के शेयर हाल के दिनों में थोड़े गिरे भी हैं, जो मार्केट शेयर में कमी और अमेरिका में प्राइसिंग पर दबाव का नतीजा माना जा रहा है।
Dr. Reddy's, जिसकी मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लगभग 12 बिलियन डॉलर है और P/E रेश्यो करीब 18-19 के आसपास है, खुद को जनरिक मार्केट की ग्रोथ का फायदा उठाने के लिए तैयार कर रही है। खासकर तब, जब कई बड़ी दवाओं के पेटेंट एक्सपायर होने वाले हैं। एनालिस्ट्स Dr. Reddy's के लिए 'होल्ड' या 'ओवरवेट' की रेटिंग बनाए हुए हैं और टारगेट प्राइस $14.50-$16.90 के बीच दे रहे हैं। लेकिन, यह जनरिक लॉन्च, अगर रेगुलेटरी अप्रूवल मिल जाते हैं, तो मौजूदा वैल्यूएशन से काफी ज़्यादा ऊपर जाने की क्षमता रखता है। दूसरी ओर, Novo Nordisk का मार्केट कैप करीब 219 बिलियन डॉलर है और P/E रेश्यो 13-14 है। इसके स्टॉक पर भी दबाव देखा जा रहा है, कुछ एनालिस्ट्स 'होल्ड' रेटिंग और $56-$59 के टारगेट प्राइस दे रहे हैं, जो मार्केट शेयर और प्राइसिंग को लेकर चिंताओं को दर्शाता है।
रेगुलेटरी चुनौतियां और कॉम्पिटिटिव जवाब
हालांकि, Dr. Reddy's को इस स्ट्रैटेजिक प्राइसिंग के साथ कुछ बड़ी चुनौतियों का सामना भी करना पड़ेगा। कंपनी को अभी अमेरिका के FDA और यूरोप के EMA जैसे बड़े रेगुलेटरी बॉडी से अपने जनरिक Wegovy के लिए अप्रूवल का इंतजार है, जिसमें काफी समय लग सकता है और अनिश्चितता बनी हुई है। Novo Nordisk अपनी मार्केट एक्सक्लूसिविटी की रक्षा के लिए जाना जाता है और पहले भी कॉपीकैट दवाएं बेचने वाली कंपनियों के खिलाफ मुकदमे दायर कर चुका है। Dr. Reddy's को रेगुलेशंस और इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी में महारत हासिल है, लेकिन GLP-1 मार्केट का भारी-भरकम वैल्यू (जो 2035 तक 132 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है) यह तय करता है कि बड़ी कंपनियां कड़ा मुकाबला करेंगी। इसके अलावा, पूरी फार्मा इंडस्ट्री दुनिया भर में बढ़ते रेगुलेटरी जांच और प्राइसिंग प्रेशर का सामना कर रही है, जो जनरिक दवाओं के लिए मार्केट में एंट्री और रीइंबर्समेंट को मुश्किल बना सकता है, भले ही उनकी कीमत कम हो।
भविष्य का नज़रिया: GLP-1 एरीना में री-बैलेंसिंग
Dr. Reddy's का बहुत ज़्यादा डिस्काउंटेड जनरिक Wegovy के साथ एंट्री करना GLP-1 दवाओं की प्राइसिंग पर मार्केट की पूरी सोच को बदल सकता है। यह दवाओं को ज़्यादा अफोर्डेबल बनाने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकता है, जो मोटापा और डायबिटीज के इलाज के लिए बहुत ज़रूरी है। हालांकि, इसका तात्कालिक भविष्य रेगुलेटरी अप्रूवल और Novo Nordisk के जवाब पर निर्भर करेगा। Dr. Reddy's के लिए एनालिस्ट्स की राय 'होल्ड' की तरफ झुकी हुई है, लेकिन यह आक्रामक जनरिक स्ट्रैटेजी काफी बड़ी संभावनाओं के द्वार खोल सकती है, जो ब्रांडेड GLP-1 दवाओं के हाई मार्जिन को चुनौती देगी और सेक्टर में अफोर्डेबिलिटी के लिए एक नया स्टैंडर्ड सेट कर सकती है। फार्मा इंडस्ट्री लगातार ग्लोबल प्राइसिंग रिफॉर्म्स और AI के इंटीग्रेशन से जूझ रही है, जो मार्केट डायनामिक्स में और भी परतें जोड़ रहा है।