Dr. Reddy's Laboratories के निवेशकों को अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा। कंपनी का मानना है कि फाइनेंशियल ईयर **2027** तक कमाई पर दबाव बना रहेगा, लेकिन **FY28** से नए हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स के दम पर जबरदस्त वापसी की तैयारी है।
चुनौतियों से गुजर रही है कंपनी
Dr. Reddy's वर्तमान में एक ट्रांजिशनल फेज से गुजर रही है। पुरानी जेनरिक दवाओं की गिरती बिक्री और API बिजनेस की सुस्त रफ्तार के कारण कंपनी की अर्निंग्स पर असर पड़ा है। नॉर्थ अमेरिका मार्केट में Revlimid जैसी दवाओं की घटती सेल्स कंपनी के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है, जो भारतीय फार्मा सेक्टर की एक आम समस्या भी है।
बड़े दांव: Semaglutide और Biosimilars
कंपनी ने अपनी ग्रोथ के लिए 'कॉम्प्लेक्स थेरेपी' और 'बायोसिमिलर्स' पर फोकस शिफ्ट किया है। सबसे बड़ा ट्रिगर नवंबर 2026 में आने वाला है, जब कंपनी अपने जेनेरिक Semaglutide को फिर से लॉन्च करेगी। मैन्युफैक्चरिंग बाधाओं को दूर करने के बाद, कंपनी का लक्ष्य मौजूदा साइकिल में 60 से 70 लाख पेन की सप्लाई करने का है। लंबे समय में, कंपनी 1.5 करोड़ पेन सालाना का बाजार देख रही है।
रेगुलेटरी अपडेट्स और भविष्य की राह
यूएस मार्केट में कंपनी अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए दिसंबर 2026 में Abatacept बायोसिमिलर के रेगुलेटरी फैसले का इंतजार कर रही है। इसके अलावा, Rituximab और Nivolumab जैसे बायोसिमिलर्स भी ग्रोथ में अहम भूमिका निभाएंगे।
कंपनी के पास नॉर्थ अमेरिका के लिए 80 पेंडिंग फाइलिंग्स हैं, जिनमें 27 'फर्स्ट-टू-फाइल' अवसर हैं। इन्वेस्टर्स को अब कंपनी के सप्लाई चेन मैनेजमेंट और नए प्रोडक्ट्स की सफल लॉन्चिंग पर नजर रखनी चाहिए, जो मार्जिन को बचाने में गेम चेंजर साबित हो सकते हैं।
