Dr Reddy's Laboratories के शेयरधारकों के लिए बुरी खबर है। कंपनी के मार्च तिमाही के नतीजों ने निवेशकों को निराश किया है, जिसके चलते शेयर **2.36%** गिरकर **₹1,177.50** पर आ गए। कंपनी के प्रॉफिट में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
Detailed Coverage
तिमाही नतीजे: मुनाफे पर तगड़ा झटका
Dr Reddy's Laboratories ने 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही के लिए ₹7,546.40 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले तिमाही के ₹8,753.40 करोड़ से कम है। वहीं, नेट प्रॉफिट (Net Profit) में भारी गिरावट देखने को मिली, जो पिछले तिमाही के ₹1,187.30 करोड़ से लुढ़ककर ₹216.70 करोड़ पर आ गया। नतीजतन, प्रति शेयर आय (EPS) भी 14.53 से घटकर 2.65 रह गई। यह दर्शाता है कि कंपनी की लागतें या ऑपरेशनल खर्चे आय की तुलना में काफी बढ़ गए थे।
सालाना प्रदर्शन और कैश फ्लो
पूरे फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) 2025-26 की बात करें तो कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹33,700.20 करोड़ रहा, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹32,643.90 करोड़ से बेहतर है। हालांकि, इस सेल्स ग्रोथ के बावजूद नेट प्रॉफिट में कमी आई है। यह ₹5,703.50 करोड़ (FY25) से घटकर ₹4,144.20 करोड़ (FY26) हो गया। इस तरह, पूरे साल के लिए EPS भी 67.89 से गिरकर 50.41 पर आ गया।
31 मार्च 2026 तक के बैलेंस शीट के अनुसार, कंपनी निवेशों (Investments) पर काफी पैसा खर्च कर रही है। ऑपरेशन्स से कैश फ्लो ₹5,673 करोड़ रहा, जबकि निवेश गतिविधियों (Investing Activities) में ₹6,549 करोड़ का आउटफ्लो दर्ज किया गया। कंपनी के कुल एसेट्स (Assets) और लायबिलिटीज (Liabilities) ₹58,123 करोड़ हैं, और मौजूदा रिजर्व ₹37,808 करोड़ पर स्थिर है।
कॉर्पोरेट अपडेट्स और भविष्य की रणनीति
इन वित्तीय नतीजों के बीच, कंपनी ने ₹8.00 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) घोषित किया है, जिसका भुगतान 10 जुलाई 2026 से शुरू होगा। गौरतलब है कि कंपनी ने अक्टूबर 2024 में स्टॉक स्प्लिट (Stock Split) भी किया था, जिससे शेयर का फेस वैल्यू (Face Value) ₹5 से घटकर ₹1 हो गया था। अब निवेशकों की नजरें कंपनी की प्रॉफिट मार्जिन को स्थिर करने और निवेश गतिविधियों से होने वाले कैश आउटफ्लो को मैनेज करने की क्षमता पर होंगी। बाजार को उम्मीद है कि मैनेजमेंट जल्द ही तिमाही मुनाफे में गिरावट के कारणों और लागत घटाने की रणनीति पर विस्तृत जानकारी देगा।
