'फर्स्ट-मूवर' बनने का फायदा
Dr. Reddy's Laboratories के लिए यह एक महत्वपूर्ण नियामक जीत है। अमेरिकी FDA ने कंपनी के DRL-AB, जो Orencia® (abatacept) का प्रस्तावित बायोसिमिलर है (इंट्रावीनस इन्फ्यूजन के लिए), के Biologics License Application (BLA) को स्वीकार कर लिया है। दिसंबर 2025 में सबमिशन के बाद, हैदराबाद स्थित इस फार्मा दिग्गज को अमेरिका में Abatacept Biosimilar के लिए यह मील का पत्थर हासिल करने वाली पहली कंपनी के रूप में स्थापित किया है। यह 'फर्स्ट-मूवर' स्टेटस बेहद अहम है, क्योंकि बायोसिमिलर बाजार काफी प्रतिस्पर्धी है। इससे Dr. Reddy's को ओरिजिनटर उत्पाद से अच्छी खासी मार्केट शेयर हासिल करने का मौका मिल सकता है, जिसने 2024 में लगभग $3.7 बिलियन का वर्ल्डवाइड रेवेन्यू कमाया था।
20 फरवरी 2026 तक, Dr. Reddy's का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹1.07 लाख करोड़, यानी लगभग $12.8 बिलियन USD था। कंपनी का स्टॉक लगभग ₹1,280.30 पर ट्रेड कर रहा था। स्टॉक ने पिछले 52 हफ्तों में ₹1,020 से ₹1,380 के दायरे में कारोबार किया है। यह मंजूरी भविष्य में शेयर की कीमतों में तेजी ला सकती है, हालांकि एनालिस्ट्स की राय मिली-जुली है और 'होल्ड' (Hold) की कंसेंसस रेटिंग बनी हुई है।
बढ़ता हुआ बायोसिमिलर बाजार
दुनिया भर में बायोसिमिलर बाजार तेजी से बढ़ रहा है। अनुमान है कि 2026 में $49.49 बिलियन के इस बाजार का आकार 2031 तक बढ़कर $112 बिलियन से अधिक हो जाएगा, जिसकी कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 17.95% रहने की उम्मीद है। कई ब्लॉकबस्टर बायोलॉजिक्स के पेटेंट खत्म होने और स्वास्थ्य सेवाओं में लागत कम करने के वैश्विक दबाव के कारण यह ग्रोथ संभव है।
Dr. Reddy's का Abatacept Biosimilar सेगमेंट में उतरना ऑटोइम्यून और क्रोनिक बीमारियों के बड़े बाजार को लक्षित करता है, जिसमें अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है। DRL-AB FDA BLA एक्सेप्टेंस पाने वाला पहला Abatacept Biosimilar है, लेकिन Kashiv Biosciences जैसी कंपनियों के भी कैंडिडेट डेवलपमेंट में हैं। Dr. Reddy's ने Reditux (rituximab) और Versavo (bevacizumab) जैसे बायोसिमिलर लॉन्च करने में अपनी विशेषज्ञता पहले ही साबित की है, जो ऑटोइम्यून थेरेपी में इसके विस्तार के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है। हालांकि, Dr. Reddy's को Pfizer, Novartis और Samsung Bioepis जैसे बड़े प्लेयर्स से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।
जोखिम और चुनौतियां
इस नियामक मंजूरी के बावजूद, DRL-AB के लिए कई जोखिम मौजूद हैं। बायोसिमिलर को व्यापक रूप से अपनाने में लंबा समय लग सकता है। यह जटिल रीइंबर्समेंट स्ट्रक्चर्स (reimbursement structures), डॉक्टरों की प्रिस्क्राइबिंग आदतों और ओरिजिनटर कंपनी (Bristol Myers Squibb) की आक्रामक रक्षात्मक रणनीतियों से प्रभावित हो सकता है। Orencia ने वर्षों में अपनी कीमतों में काफी वृद्धि की है, जो BMS के लिए अपने बाजार हिस्सेदारी की रक्षा करने का एक मजबूत संकेत है।
इसके अलावा, DRL-AB पहला सबमिट करने वाला हो सकता है, लेकिन बायोसिमिलर के लिए अप्रूवल प्रक्रिया काफी कठोर होती है, जिसमें बायोसिमिलरिटी साबित करने के लिए 'सबूतों की समग्रता' (totality of evidence) की आवश्यकता होती है।
Dr. Reddy's, अपनी मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड के बावजूद, 'होल्ड' (Hold) की कंसेंसस रेटिंग रखती है। कंपनी का P/E Ratio लगभग 18.2 है, जो मेडिकल सेक्टर के औसत ~31.01 से काफी कम है। यह बताता है कि बाजार अभी इसके बायोसिमिलर पाइपलाइन की ग्रोथ क्षमता को पूरी तरह से नहीं आंक रहा है।
भविष्य की राह
DRL-AB की मंजूरी Dr. Reddy's के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। यह कंपनी की महत्वपूर्ण बायोलॉजिक थेरेपीज तक पेशेंट की पहुंच बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कंपनी हर साल कम से कम एक बायोसिमिलर लॉन्च करने का लक्ष्य रखती है, जो उसके मजबूत पाइपलाइन को दिखाता है। भारत में छह कमर्शियल प्रोडक्ट्स और 30 से अधिक देशों में उपस्थिति के साथ, Dr. Reddy's इस नई मंजूरी का वैश्विक स्तर पर लाभ उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है।
हालांकि एनालिस्ट्स की राय सतर्क ('होल्ड' रेटिंग) बनी हुई है और उनका औसत प्राइस टारगेट ~$16.90 के आसपास है, Abatacept Biosimilar के लिए 'फर्स्ट-टू-मार्केट' (first-to-market) का फायदा एक महत्वपूर्ण कैटेलिस्ट साबित हो सकता है, जो भविष्य में रेवेन्यू ग्रोथ को बढ़ाएगा और Dr. Reddy's को वैश्विक बायोसिमिलर बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करेगा।