मार्जिन की मार ने प्रॉफिट को👇
Dr. Reddy's Laboratories के लिए Q4 FY26 का नतीजा निराशाजनक रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 86% गिरकर ₹221 करोड़ पर पहुँच गया। इस भारी गिरावट की मुख्य वजह कंपनी के ग्रॉस प्रॉफिट मार्जिन (Gross Profit Margin) में आई भारी कमी है। पिछले साल जहाँ यह मार्जिन 55.6% था, वहीं इस तिमाही में यह घटकर सिर्फ 44.8% रह गया।
रेवेन्यू पर भी असर
मार्जिन पर दबाव के कारण Q4 में कंपनी का रेवेन्यू भी 12% घटकर ₹7,516 करोड़ हो गया। हालांकि, पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए कंपनी का रेवेन्यू 3% बढ़कर ₹33,593 करोड़ रहा। कंपनी के ग्लोबल जेनेरिक्स (Global Generics) सेगमेंट का रेवेन्यू 13% और फार्मास्युटिकल सर्विसेज एंड एक्टिव इंग्रेडिएंट्स (PSAI) सेगमेंट का रेवेन्यू 5.7% गिर गया।
खर्चे बढ़े, PBT 👇
ऊपर से, सेलिंग, जनरल और एडमिनिस्ट्रेटिव (SG&A) खर्चे 15% बढ़कर ₹2,776 करोड़ हो गए, जिसने प्रॉफिट पर और दबाव डाला। नतीजा यह रहा कि प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 90% की भारी गिरावट आई और यह ₹199 करोड़ पर आ गया।
शेयर होल्डर्स के लिए डिविडेंड
इन नतीजों के बीच, कंपनी ने अपने शेयर होल्डर्स के लिए ₹8 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) देने की सिफारिश की है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 10 जुलाई 2026 तय की गई है।
एनालिस्ट्स की राय और फ्यूचर की चुनौतियां
12 मई 2026 को Dr. Reddy's का शेयर 0.77% की गिरावट के साथ ₹1,270 पर बंद हुआ। ब्रोकरेज फर्मों ने कंपनी के शेयर के लिए 'होल्ड' (Hold) रेटिंग बनाए रखी है और औसत टारगेट प्राइस ₹1,327.14 रखा है। कंपनी के लिए अमेरिका जैसे प्रमुख बाजारों में मूल्य निर्धारण के दबाव (Pricing Pressures) और इन्वेंट्री की समस्या एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। R&D पर होने वाले खर्च में 24% की कटौती भविष्य की ग्रोथ के लिए चिंता का विषय हो सकती है।
