Dr Reddy’s Q1 Profit 69% गिरा: उत्तरी अमेरिका में कमजोरी और बढ़ती लागत बनी वजह

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AuthorMehul Desai|Published at:
Dr Reddy’s Q1 Profit 69% गिरा: उत्तरी अमेरिका में कमजोरी और बढ़ती लागत बनी वजह

Dr Reddy's Laboratories ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट (Net Profit) **69%** गिरकर **₹186 करोड़** पर आ गया है। इसकी मुख्य वजह उत्तरी अमेरिका (North America) में बिक्री का **35%** तक गिरना और उत्पादन लागत (Production Cost) का बढ़ना है।

Detailed Coverage

उत्तरी अमेरिका में बड़ी गिरावट, वजह बनीं ये दवाएं

Dr Reddy's की जून तिमाही की रिपोर्ट बताती है कि कंपनी का कुल रेवेन्यू (Revenue) पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 6% घटकर ₹6,623 करोड़ रहा। वहीं, ऑपरेटिंग प्रॉफिट (Operating Profit) में 56% की भारी गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के लिए सबसे बड़ा झटका उत्तरी अमेरिका से आया, जहां रेवेन्यू में 35% की कमी आई। इसका प्रमुख कारण कैंसर की दवा 'लेनालिडोमाइड' (lenalidomide) की बिक्री में आई कमी है, जो जेनेरिक बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कीमतों के दबाव का सामना कर रही है। इसके अलावा, निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी (nicotine replacement therapy) की बिक्री में भी नरमी देखी गई।

लागत का बढ़ना और मार्जिन पर असर

कम रेवेन्यू के अलावा, कंपनी के मार्जिन (Margins) पर भी लागत बढ़ने का बुरा असर पड़ा है। ग्रॉस मार्जिन (Gross Margin) 750 बेसिस पॉइंट घटकर 49.4% पर आ गया, जबकि ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 13.5% तक गिर गया। अमेरिका और यूरोप में कीमतों का दबाव, सॉल्वैंट्स जैसे कच्चे माल की बढ़ी हुई कीमतें और मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव के कारण बढ़ा हुआ फ्रेट खर्च (Freight Expense) इसके मुख्य कारण रहे।

USFDA की तरफ से कंपनी की कुछ मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को लेकर आई हालिया टिप्पणियों ने 'अबटासेप्ट' (abatacept) जैसी नई दवाओं के लॉन्च की समय-सीमा पर अनिश्चितता बढ़ा दी है। वहीं, 'सेमाग्लूटाइड' (semaglutide) के उत्पादन में आई दिक्कतों के चलते एनालिस्ट्स (Analysts) ने कंपनी की नियर-टर्म अर्निंग्स (Near-term earnings) को लेकर अपने अनुमान कम कर दिए हैं।

भारत में मजबूत प्रदर्शन का सहारा

हालांकि, वैश्विक स्तर पर मुश्किलों के बावजूद, कंपनी का भारतीय कारोबार एक मजबूत सहारा बना हुआ है। देश में बिक्री 17% की दर से बढ़ी है, जो फार्मा सेक्टर की औसत ग्रोथ से काफी बेहतर है। डोमेस्टिक मार्केट में सात नए ब्रांड्स लॉन्च करने और कैंसर पोर्टफोलियो (Cancer Portfolio) के शानदार प्रदर्शन, जिसमें 'टोरिपालिमेब' (toripalimab) दवा भी शामिल है, ने इस ग्रोथ को बल दिया है। घरेलू स्तर पर इनोवेशन (Innovation) और प्राइसिंग पावर (Pricing Power) का फायदा उठाते हुए कंपनी ने भारतीय ऑपरेशंस को 10% से ऊपर की ग्रोथ पर बनाए रखा है।

आगे चलकर, निवेशकों की नजर कंपनी द्वारा मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने और पाइपलाइन में मौजूद जटिल दवाओं के लॉन्च टाइमलाइन पर रहेगी। साथ ही, बढ़ती वैश्विक लागत के बीच ऑपरेटिंग खर्चों को कंट्रोल करने और मार्जिन को स्थिर रखने की मैनेजमेंट की क्षमता आने वाली तिमाहियों में स्टॉक के लिए अहम साबित होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.