Dr Reddy’s Laboratories ने पहली तिमाही में **69%** की गिरावट के साथ **₹443.5 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया है, जो बाज़ार की उम्मीदों से काफी कम है। इसके पीछे **₹240 करोड़** का प्रोविज़न (Provision) और बढ़ी हुई ऑपरेशनल कॉस्ट (Operational Costs) मुख्य वजहें रहीं। वहीं, कंपनी की श्रीकाकुलम मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को हालिया इंस्पेक्शन (Inspection) के बाद USFDA से तीन ऑब्ज़र्वेशन्स (Observations) मिली हैं।
तिमाही नतीजों पर एक नज़र
Dr Reddy’s Laboratories के लिए 2026-27 के फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) की पहली तिमाही काफी चुनौतीपूर्ण रही है। कंपनी के नेट प्रॉफिट (Net Profit) में बड़ी गिरावट देखी गई है, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹1,418 करोड़ की तुलना में घटकर ₹443.5 करोड़ रह गया। यह नतीजे बाज़ार के अनुमानों से काफी नीचे रहे।
श्रीकाकुलम प्लांट पर रेगुलेटरी अपडेट
अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (USFDA) ने 20 से 29 जुलाई 2026 के बीच कंपनी की आंध्र प्रदेश स्थित श्रीकाकुलम फैसिलिटी का इंस्पेक्शन किया था। इस इंस्पेक्शन में प्री-अप्रूवल (Pre-Approval) और गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज (Good Manufacturing Practices) को कवर किया गया। इसके बाद, USFDA ने फॉर्म 483 जारी किया है, जिसमें तीन ऑब्ज़र्वेशन्स बताई गई हैं। फॉर्म 483 तब जारी किया जाता है जब जांचकर्ताओं को ऐसी स्थितियां मिलती हैं जो फूड, ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट का उल्लंघन कर सकती हैं। Dr Reddy's ने पुष्टि की है कि वह कंप्लायंस (Compliance) बनाए रखने के लिए इन फाइंडिंग्स (Findings) को निर्धारित समय-सीमा के भीतर ठीक करने पर काम कर रही है।
फाइनेंशियल और ऑपरेशनल दबाव
नेट प्रॉफिट में आई यह भारी गिरावट दो मुख्य वजहों से हुई: एक तो कोर बिज़नेस की चुनौतियां और दूसरी, इसके सेमाग्लूटाइड एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रेडिएंट (API) बिज़नेस से जुड़ा ₹240 करोड़ का एक ख़ास प्रोविज़न। इस अकाउंटिंग एडजस्टमेंट (Accounting Adjustment) ने कंपनी के बॉटम लाइन (Bottom Line) पर बड़ा असर डाला। रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स (Revenue from Operations) में भी 6% की गिरावट आई, जो पिछले साल के मुकाबले घटकर ₹8,070.5 करोड़ रहा। कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन (Operating Margin) में भी बड़ी कमी आई, जो पिछले साल के 26.7% से घटकर 12.5% रह गया। मैनेजमेंट ने सॉल्वैंट्स (Solvents) और फ्रेट (Freight) की बढ़ी हुई लागत को, जो पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक दबावों से भी जुड़ी है, मार्जिन में कमी का मुख्य कारण बताया है।
सेगमेंट परफॉरमेंस (Segment Performance)
कंपनी के ग्लोबल मार्केट्स (Global Markets) में मिले-जुले नतीजे देखने को मिले। उत्तरी अमेरिका सेगमेंट में रेवेन्यू 35% घटकर ₹2,200 करोड़ रहा, जिसका मुख्य कारण लेलिनिडोमाइड (Lenalidomide) दवा की बिक्री में कमी रही। इसके बावजूद, कंपनी ने इस क्षेत्र में अपने विस्तार के प्रयास जारी रखे हैं। वहीं, इमर्जिंग मार्केट्स (Emerging Markets) में 31% की ग्रोथ के साथ ₹1,830 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया गया, जबकि यूरोपीय बिज़नेस में नए प्रोडक्ट लॉन्च (Product Launch) और अनुकूल करेंसी फ्लक्चुएशन्स (Currency Fluctuations) के चलते 13% की ग्रोथ के साथ ₹1,440 करोड़ का रेवेन्यू आया।
निवेशक अब इस बात पर नज़र रखेंगे कि कंपनी श्रीकाकुलम प्लांट पर USFDA की ऑब्ज़र्वेशन्स को नए प्रोडक्ट अप्रूवल्स (Product Approvals) में बिना किसी बड़ी देरी के कितनी जल्दी ठीक कर पाती है। इसके अलावा, बाज़ार यह भी देखेगा कि लॉजिस्टिक्स (Logistics) और कच्चे माल की बढ़ी हुई लागत से पैदा हुआ मार्जिन प्रेशर आने वाली तिमाहियों में स्थिर होता है या नहीं, और उत्तरी अमेरिका में कंपनी की नई प्रोडक्ट पाइपलाइन (Product Pipeline) कैसा प्रदर्शन करती है।
