Dr Reddy's Share: निवेशकों को बड़ा झटका! इस वजह से मुनाफा 86% गिरा, शेयर में गिरावट

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AuthorMehul Desai|Published at:
Dr Reddy's Share: निवेशकों को बड़ा झटका! इस वजह से मुनाफा 86% गिरा, शेयर में गिरावट
Overview

Dr Reddy's Laboratories के निवेशकों के लिए बुरी खबर! कंपनी का नेट प्रॉफिट (Net Profit) फाइनेंशियल ईयर 2025-26 (FY26) की चौथी तिमाही (Q4) में **86%** गिरकर सिर्फ **₹221 करोड़** रह गया है।

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एकमुश्त खर्चों का बड़ा असर

Dr Reddy's Laboratories ने FY26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के ₹1,593 करोड़ से 86% घटकर ₹221 करोड़ पर आ गया है। इस भारी गिरावट की मुख्य वजह कंपनी पर हुए कुछ एकमुश्त खर्च (one-time charges) रहे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका में जेनेरिक लेनालिडोमाइड (Lenalidomide) के शेलफ स्टॉक एडजस्टमेंट के लिए ₹453 करोड़ का बड़ा भुगतान किया गया। इसके अलावा, CAR-T एसेट्स और Eftilagimod Alfa पर ₹227.7 करोड़ के एसेट इम्पेयरमेंट्स (asset impairments) और वैट (VAT) देनदारियों के लिए ₹114.1 करोड़ की प्रोविजन्स ने भी मुनाफे को बुरी तरह प्रभावित किया।

कंपनी के ऑपरेशन्स से रेवेन्यू (Revenue) में भी 12% की गिरावट आई, जो कि ₹7,546 करोड़ रहा। यह ब्लूमबर्ग (Bloomberg) के अनुमान ₹8,248 करोड़ से काफी कम था। इन नतीजों के बीच, कंपनी ने शेयरधारकों को ₹8 प्रति शेयर के डिविडेंड (Dividend) का ऐलान किया है। नतीजों के जारी होने के बाद Dr. Reddy's के शेयर में 0.77% की मामूली गिरावट आई, जो निफ्टी 50 (Nifty 50) के 1.83% गिरने से बेहतर प्रदर्शन था।

ऑपरेशनल मोर्चे पर चुनौतियां

मुनाफे में आई इस भारी गिरावट के पीछे कंपनी के ऑपरेशनल प्रदर्शन पर भी सवाल उठ रहे हैं। इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई (EBITDA) पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 60% घटकर ₹981 करोड़ रह गई। EBITDA मार्जिन भी लुढ़ककर 13% पर आ गया, जो पिछले साल 29.1% था। ग्रॉस मार्जिन भी 44.8% पर आ गया, जो पिछले साल 55.6% था। वहीं, सेलिंग, जनरल और एडमिनिस्ट्रेटिव (SG&A) खर्चों में 15% की बढ़ोतरी देखी गई। यह प्रदर्शन भारतीय फार्मा सेक्टर के 10.5% की ग्रोथ के विपरीत है, खासकर उत्तर अमेरिका (North America) में लेनालिडोमाइड की बिक्री में गिरावट और कीमतों में कमी के कारण कंपनी पर दबाव बढ़ा है।

पीयर तुलना और वैल्यूएशन

Dr Reddy's का मौजूदा P/E रेश्यो (TTM) लगभग 17.5x से 19.6x के बीच है। यह वैल्यूएशन इंडस्ट्री के दूसरे बड़े प्लेयर्स जैसे Sun Pharmaceutical Industries (लगभग 37.3x) और ओवरऑल फार्मा सेक्टर (औसतन 29x-34.5x) के मुकाबले काफी कम है। यह दर्शाता है कि निवेशक कंपनी के मौजूदा जोखिमों और धीमी ग्रोथ की आशंका को अभी से डिस्काउंट कर रहे हैं। हालांकि, कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) 21.4% है, जो सन फार्मा के 16.7% से बेहतर है। इस साल अब तक स्टॉक 2% से ज्यादा गिर चुका है।

एनालिस्ट्स की राय और भविष्य की योजना

एनालिस्ट्स (Analysts) का Dr Reddy's पर मिला-जुला रुख है। कुछ 'Overweight' रेटिंग दे रहे हैं, जबकि अन्य 'Hold' या 'Neutral' पर बने हुए हैं। प्राइस टारगेट (Price Targets) ₹1,300-₹1,360 के आसपास हैं, जो मौजूदा भाव से मामूली 3-5% की बढ़ोतरी का संकेत देते हैं। कंपनी का लक्ष्य FY2027 तक कॉस्ट एफिशिएंसी, नए प्रोडक्ट लॉन्च और पोर्टफोलियो को बेहतर बनाकर ग्रॉस मार्जिन को 50% से ऊपर ले जाना है।

निवेशकों की चिंताएं

मुनाफे और मार्जिन में आई भारी गिरावट ऑपरेशनल मजबूती पर सवाल खड़ी करती है। लेनालिडोमाइड जैसे प्रोडक्ट्स पर निर्भरता, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और पेटेंट खत्म होने के बाद कीमतों में गिरावट, खासकर अमेरिकी बाजार में, कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती है। 13% का EBITDA मार्जिन सेक्टर एवरेज से काफी नीचे है, जो ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव को दर्शाता है। पीयर कंपनियों के मुकाबले कम वैल्यूएशन दिखाता है कि निवेशक एग्जीक्यूशन रिस्क और रिकवरी की स्पीड को लेकर सतर्क हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.