नतीजों पर भारी पड़ा ₹4,530 करोड़ का चार्ज
यह नतीजे बाजार की उम्मीदों से काफी कम रहे। इस भारी गिरावट का मुख्य कारण lenalidomide इन्वेंट्री एडजस्टमेंट के लिए ₹4,530 करोड़ का बड़ा चार्ज रहा। इसके अलावा, CAR-T एसेट्स और Eftilagimod Alfa के इम्पेयरमेंट के लिए ₹27 करोड़ और VAT लायबिलिटी के लिए ₹14 करोड़ का भुगतान भी कंपनी के मुनाफे पर भारी पड़ा।
रेवेन्यू और EBITDA में भी गिरावट
इन सब के चलते, कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) 11.5% गिरकर ₹7,546 करोड़ पर आ गया। EBITDA 60.4% घटकर ₹981 करोड़ रह गया, और EBITDA मार्जिन 29.1% से गिरकर सिर्फ 13% पर पहुँच गया।
ब्रोकरेज फर्मों ने घटाई टारगेट प्राइस
इन निराशाजनक नतीजों के बाद, ब्रोकरेज फर्मों ने स्टॉक पर अपनी राय को सतर्क कर दिया है। Morgan Stanley ने अपनी 'Equal-weight' रेटिंग को बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस को ₹1,259 से घटाकर ₹1,215 कर दिया है। Citi ने 'Sell' रेटिंग के साथ टारगेट ₹1,070 पर रखा है। वहीं, Jefferies ने 'Underperform' रेटिंग और ₹1,040 का टारगेट दिया है।
भविष्य को लेकर क्या है चिंता?
ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि Semaglutide की धीमी रफ्तार, Abatacept लॉन्च में संभावित देरी, अमेरिका में कमजोर बिजनेस और बढ़े हुए SG&A खर्चे कंपनी के भविष्य के अनुमानों पर दबाव डाल रहे हैं। हालांकि, इंडिया, रूस और यूरोप में कंपनी का बिजनेस बढ़त दिखा रहा है।
डिविडेंड की घोषणा
इन चुनौतियों के बावजूद, Dr. Reddy's ने ₹8 प्रति शेयर का डिविडेंड (Dividend) घोषित किया है, जिसका रिकॉर्ड डेट 10 जुलाई है। अब कंपनी की नजर इन मुश्किलों से पार पाने और डेवलपमेंट माइलस्टोन हासिल करने पर होगी।
